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मलेरकोटला में अवैध नशामुक्ति केंद्र पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 49 मरीज कराए गए मुक्त; संचालक गिरफ्तार

Published: Sun, 25 Oct 2026 05:43 PM (IST)

पुलिस ने अवैध रूप से चल रहे नशामुक्ति केंद्र पर छापेमारी कर 49 मरीजों को मुक्त कराया है। संचालक को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया गया है।

नशा मुक्ति केंद्र ये युवाओं को छुड़ाते हुए पुलिस।

नशा मुक्ति केंद्र ये युवाओं को छुड़ाते हुए पुलिस।

HighLights

  1. मालेरकोटला में दूसरे अवैध नशामुक्ति केंद्र पर पुलिस कार्रवाई।

  2. बिंजोकी कलां से 49 नशे के मरीजों को मुक्त कराया गया।

  3. अवैध केंद्र संचालक जतिंदर सिंह को पुलिस ने दबोचा।

संवाद सूत्र, अमरगढ़ (मालेरकोटला)। मालेरकोटला में अवैध नशामुक्ति केंद्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई ने नशा मुक्ति के नाम पर चल रहे कथित गोरखधंधे को उजागर किया है। पुलिस ने लगातार दूसरे दिन दूसरे अवैध नशामुक्ति केंद्र पर कार्रवाई करते हुए थाना अमरगढ़ के अंतर्गत गांव बिंजोकी कलां (हथोआं) में छापेमारी कर अवैध नशामुक्ति केंद्र का पर्दाफाश किया व वहां रखे गए 49 नशे से पीड़ित मरीजों को छुड़वाया।

इससे एक दिन पहले संदौड़ के गांव महोली कलां में भी अवैध नशामुक्ति केंद्र को सील किया गया था। केंद्र संचालक दो व्यक्तियों को गिरफ्तार करके पांच मरीजों को उनके स्वजनों के हवाले किया गया था। अब हथोआं नशामुक्ति केंद्र के संचालक जतिंदर सिंह निवासी नौशहरा, हम्मद शफीक उर्फ शिंकू निवासी कच्चा जमालपुर मालेरकोटला के खिलाफ थाना अमरगढ़ में पुलिस ने केस दर्ज किया गया है। जतिंदर सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

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मरीजों को जबरी बंदी बना रखा

डीएसपी संजीव कपूर ने बताया कि थाना अमरगढ़ के सहायक थानेदार बलविंदर सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव हथोआ में गैरअधिकृत नशा मुक्ति केंद्र नशामुक्त समाज वेलफेयर सोसायटी के नाम पर चल रहा है। नशे के आदी मरीजों को जबरदस्ती बंदी बनाकर रखा जा रहा है व मरीजों की मारपीट करके उनसे जबरदस्ती कामकाज कराया जाता है। नशामुक्ति केंद्र में भारी गिनती में नशे के मरीज दाखिल हैं।

इस सूचना के आधार पर पुलिस ने सेहत विभाग के साथ मिलकर नशामुक्ति केंद्र पर छापामारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने केंद्र के रिकार्ड व दस्तावेजों की जांच की। मौके पर मौजूद दवाओं व अन्य सामान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान संचालक नशामुक्ति केंद्र का कोई लाइसेंस व अन्य दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। करीब 49 मरीज पाए गए, जिनके पुलिस ने बयान दर्ज किए। सेहत विभाग ने इन मरीजों को सरकारी नशामुक्ति केंद्रों व उनके परिवारों के सुपुर्द कर दिया।

नशा मुक्ति के नाम पर मरीजों से खिलवाड़

आंबेडकर टाइगर फोर्स की प्रांतीय प्रधान सतविंदर कौर गीगामाजरा का कहना है कि नशे की लत से जूझ रहे व्यक्ति व उसके परिवार के लिए नशामुक्ति केंद्र उम्मीद का सहारा होते हैं। परिवार अपने सदस्य को नशे से बाहर निकालने के लिए आर्थिक और मानसिक संघर्ष करता है।

ऐसे में यदि कोई केंद्र आवश्यक अनुमति और चिकित्सा सुविधाओं के बिना चल रहा हो, तो मरीज की सेहत व सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। नशा छुड़ाने के लिए उचित चिकित्सकीय निगरानी, प्रशिक्षित कर्मचारियों और सुरक्षित वातावरण की जरूरत होती है। इसलिए ऐसे केंद्रों की नियमित जांच जरूरी है।

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पुलिस की लोगों से अपील

डीएसपी संजीव कपूर ने लोगों से अपील की कि नशे की लत का इलाज केवल सरकारी अस्पतालों या लाइसेंसशुदा केंद्रों में ही करवाएं। किसी भी अवैध केंद्र या नशे से संबंधित गतिविधि की सूचना नजदीकी पुलिस थाने अथवा सेफ पंजाब एंटी-ड्रग हेल्पलाइन के वाट्सऐप नंबर 9779-100-200 पर दी जा सकती है। पुलिस के अनुसार, सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने कहा की अवैध नशामुक्ति केंद्रों के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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