चीनी के दाम बढ़े तो महंगी हुई मिठास, पंजाब में बर्फी से जलेबी तक के रेट बढ़े; त्योहार-शादी का बजट भी प्रभावित
चीनी के बढ़ते दामों के कारण हलवाइयों ने मिठाइयों के रेट बढ़ा दिए हैं। बर्फी, कलाकंद, गुलाब जामुन और जलेबी महंगी होने से त्योहारों व समारोहों का बजट प्रभावित होगा।

बाजारों में बिक रही मिठाई।
HighLights
चीनी के दाम बढ़ने से मिठाइयों की कीमतों में उछाल।
बर्फी, जलेबी, गुलाब जामुन सहित कई प्रमुख मिठाइयां महंगी हुईं।
त्योहारों, शादियों का बजट प्रभावित, ग्राहकों की जेब पर बोझ।
संवाद सहयोगी, नूरपुरबेदी (रूपनगर)। पिछले कुछ दिनों से चीनी के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी का असर अब मिठाइयों की कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है। क्षेत्र के हलवाइयों ने लागत बढ़ने का हवाला देते हुए कई प्रमुख मिठाइयों के दाम बढ़ा दिए हैं। इससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने लगा है।
बढ़े हुए रेट के बाद बर्फी, कलाकंद, गुलाब जामुन, रसगुल्ले, चमचम, बेसन, विभिन्न प्रकार के लड्डू, जलेबी और पतीसा महंगे हो गए हैं। बर्फी का भाव 380 से बढ़कर 460 रुपये और कलाकंद 400 से बढ़कर 480 रुपये प्रति किलो हो गया है। इसी तरह गुलाब जामुन और रसगुल्ले 160 से बढ़कर 200 रुपये किलो बिक रहे हैं।
चमचम का भाव 200 से बढ़कर 240 रुपये, बेसन 160 से 200 रुपये, मोतीचूर लड्डू 140 से 160 रुपये, मोटा लड्डू 150 से 180 रुपये और जलेबी 160 से बढ़कर 200 रुपये किलो हो गई है। पतीसा भी 150 से बढ़कर 180 रुपये किलो पहुंच गया है।
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चीनी के साथ अन्य सामग्री भी महंगी
हलवाइयों का कहना है कि मिठाइयां तैयार करने में चीनी प्रमुख कच्चा माल है। इसके दाम बढ़ने से लागत सीधे प्रभावित हुई है। इसके अलावा दूध, घी, बेसन, मैदा और अन्य सामग्री की कीमतों में उतार-चढ़ाव से भी उत्पादन खर्च बढ़ा है। इसी को देखते हुए मिठाइयों के रेट बढ़ाए गए हैं।
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दूसरी ओर ग्राहकों का कहना है कि मिठाई के बढ़े दाम से शादी-विवाह, जन्मदिन, धार्मिक कार्यक्रम और त्योहारों का बजट प्रभावित होगा। खुशी के मौकों पर मिठाई बांटने की परंपरा के बावजूद अब खरीदारी से पहले जेब का हिसाब लगाना पड़ रहा है।
