Patiala News: साइकैट्रिक डाक्टरों की कमी से जूझ रहे सरकारी ओट सेंटर, लाेगाें काे नहीं मिल रही सुविधा
Patiala News शहर के सरकारी ओट सेंटरों में साइकेट्रिक डाक्टरों की कमी हाे रही है। प्राइवेट सेंटर अपने स्तर पर ही सुविधा दे रहे हैं। अब सरकारी तौर पर सिर्फ राजपुरा के सिविल अस्पताल में ही एक साइकैट्रिक डाक्टर अपनी सेवाएं दे रहा है।
जागरण संवाददाता, पटियाला। Patiala News: नशे पर नकेल डालने के लिए खोले गए प्राइवेट व सरकारी ओट सेंटर स्टाफ की कमी झेल रहे हैं। प्राइवेट ओट सेंटर प्रबंधक जहां अपने स्तर पर साइकैट्रिक डाक्टरों का प्रबंध कर लेते हैं, वहीं सरकारी ओट सेंटरों में इन डाक्टरों की कमी पिछले लंबे समय से चल रही है। हालात ये हैं कि पिछले समय में पहले समाना सिविल अस्पताल व पटियाला के माता कौशल्या अस्पताल से साइकैट्रिक डाक्टर नौकरी छोड़ चुके हैं। अब सरकारी तौर पर सिर्फ राजपुरा के सिविल अस्पताल में ही एक साइकैट्रिक डाक्टर अपनी सेवाएं दे रहा है।
साइकैट्रिक डाक्टरों की कमी के कारण ओट सेंटरों का काम भी प्रभावित हो रही है। हालांकि सेहत विभाग के अधिकारियों का मानना है कि ओट सेंटरों में काउंसलरों की जरूरत ज्यादा रहती है। जिसके चलते हर सेंटर में एक काउंसलर तैनात है। प्राइवेट से सरकारी डी एडिक्शन में एडमिशन ज्यादा जानकारी के अनुसार सरकारी डी एडिक्शन सेंटरों में नशे से छुटकारा पाने वाले मरीजों की संख्या ज्यादा है।
जिले में चार डी एडिक्शन सेंटर हैं, जहां मरीजों को दाखिल किया जाता है। बाकी के ओट सेटरों में मरीजों को दवा देकर घर भेज दिया जाता है। इनमें से दो पटियाला व एक राजपुरा तथा समाना में है। इन चारों सेंटरों में एडमिट मरीजों की संख्या 53 है। वहीं दूसरी ओर प्राइवेट सेंटरों में 10 मरीज दाखिल हैं। इसी तरह ओट सेंटरों में सितंबर में 575 मरीजों की ओपीडी हुई। वहीं, दूसरी ओर प्राइवेट ओट सेंटरों में सितंबर में 613 मरीज ओपीडी में आए।
ओट सेंटरों के लिए 10 लाख का बजट जारी
जानकारी के अनुसार आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद सेहत विभाग को ओट सेंटरों के रखरखाव व देखभाल के लिए 10 लाख रुपये का बजट जारी हुआ है। अधिकारियों का मानना है कि यह बजट लंबे समय बाद सरकार द्वारा जारी किया गया है। बजट से ओट सेंटरों के रखरखाव के लिए बजट को खर्च भी किया जा रहा है। साकेत अस्पताल में जिम की सुविधा साकेत अस्पताल की इंचार्ज डा. परमिंदर कौर ने कहा कि साकेत अस्पताल में एडमिट मरीजों को अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। पिछले समय में जिला प्रशासन द्वारा स्किल डेवलपमेंट, जिम, म्यूजिक रूम और लाइब्रेरी के अलावा थेरेपी सेंटर भी खोला गया है। इसके अलावा उन्हें अच्छी क्वालिटी का खाना भी उपलब्ध करवाया जाता है।
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