परविंदर झोटा हत्याकांड के बाद छापेमारी से भड़के केमिस्ट, पंजाब एसोसिएशन ने आदत बनाने वाली दवाओं की बिक्री रोकी
मानसा में हुई घटना के बाद मेडिकल स्टोरों पर पुलिस छापेमारी के विरोध में केमिस्ट एसोसिएशन ने आदत बनाने वाली दवाओं की बिक्री रोकने का बड़ा फैसला लिया है।

पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के वाइस प्रेसीडेंट संजीव चौधरी।
HighLights
केमिस्ट एसोसिएशन ने आदत बनाने वाली दवाओं की बिक्री रोकी।
परविंदर झोटा हत्याकांड के बाद पुलिस छापेमारी का विरोध।
निर्दोष दवा विक्रेताओं के उत्पीड़न पर कड़ा रुख अपनाया।
डिजिटल डेस्क, पटियाला। मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद राज्यभर के मेडिकल स्टोरों पर हो रही पुलिसिया छापेमारी और जांच के विरोध में पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन ने एकजुट होकर राज्य में आदत बनाने वाली (हैबिट-फार्मिंग) दवाओं की बिक्री पूरी तरह से बंद करने का बड़ा एलान किया है।
दवा विक्रेताओं का आरोप है कि जांच के नाम पर निर्दोष कारोबारियों को परेशान किया जा रहा है, जिससे तंग आकर उन्हें यह सख्त कदम उठाना पड़ा है। पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन के वाइस प्रेसीडेंट संजीव चौधरी ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि कोई भी दवा नशा करने के उद्देश्य से नहीं बनाई जाती।
उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के हालिया बयान की सराहना करते हुए कहा कि वे खुद एक पेशेवर डॉक्टर हैं और उन्होंने सरकार में रहते हुए भी सच का सामना किया है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया है कि ये दवाएं नशे के लिए नहीं बल्कि गंभीर बीमारियों और इलाज के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।
यह भी पढ़ें- मलेरकोटला में अवैध नशामुक्ति केंद्र पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 49 मरीज कराए गए मुक्त; संचालक गिरफ्तार
मरीजों के इलाज के लिए होती हैं दवाएं
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि जिन दवाओं को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वे दरअसल जोड़ों के दर्द, नसों की गंभीर बीमारियों और सर्जिकल प्रक्रियाओं से पहले मरीजों को राहत देने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। यदि इन दवाओं की उपलब्धता पर पूरी तरह रोक लग जाएगी, तो इसका सीधा असर उन मरीजों पर पड़ेगा जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं और जिन्हें नियमित रूप से इन दवाओं की आवश्यकता होती है।
यह भी पढ़ें- परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: दोपहर 12 बजे से जलेगा AAP का चुनाव चिन्ह, आधी रात तक मेडिकल स्टोर खंगालती रही CBI
उत्पीड़न बंद न होने पर आंदोलन की चेतावनी
दवा विक्रेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि नशा तस्करी के नाम पर कानून का पालन करने वाले पंजीकृत केमिस्टों का उत्पीड़न बंद किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस की एकतरफा कार्रवाई और छापेमारी तुरंत नहीं रोकी गई, तो एसोसिएशन आने वाले दिनों में और कड़ा कदम उठाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
