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पिटबुल हमले के बाद पटियाला में शुरू हुई कुत्तों की रजिस्ट्रेशन, 3 सप्ताह में 40 आवेदन; निगम की बढ़ी चिंता

Published: Sun, 06 Sep 2026 06:32 PM (IST)

पटियाला में पालतू कुत्तों की रजिस्ट्रेशन शुरू हुए तीन सप्ताह बाद सिर्फ 40 आवेदन आए। अधूरे दस्तावेजों से प्रक्रिया अटकी है, निगम लगातार लोगों को जागरूक कर रहा है।

13 अगस्त को हुए पिटबुल अटैक की सीसीटीवी फुटेज।

13 अगस्त को हुए पिटबुल अटैक की सीसीटीवी फुटेज।

HighLights

  1. पिटबुल हमले के बाद शुरू हुई डॉग रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया।

  2. तीन सप्ताह में केवल 40 आवेदन, अधिकांश अधूरे।

  3. निगम ने लोगों से रजिस्ट्रेशन करवाने की अपील की।

जागरण संवाददाता,पटियाला। पटियाला नगर निगम की ओर से शहर में पालतू डाग की रजिस्ट्रेशन को लेकर आनलाइन और मैन्युअल प्रक्रिया शुरू किए जाने के बावजूद लोगों की ओर से अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई जा रही है। नगर निगम को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हुए करीब तीन सप्ताह हो चुके हैं, लेकिन अब तक करीब 40 आवेदन ही निगम के पास पहुंचे हैं।

इनमें से भी अधिकांश आवेदनों के साथ जरूरी दस्तावेज पूरे नहीं हैं। ऐसे में निगम कर्मचारियों को आवेदनकर्ताओं से फोन पर संपर्क कर अधूरे दस्तावेज मंगवाने पड़ रहे हैं। नगर निगम की ओर से डाग्स की नई रजिस्ट्रेशन के लिए 500 रुपये फीस, जबकि रिन्युअल के लिए 300 रुपये फीस निर्धारित की गई है।

निगम की ओर से लोगों को अपने पालतू डाग की समय पर रजिस्ट्रेशन करवाने की अपील की जा रही है। इसके लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मुनादी भी करवाई जा रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के बारे में जागरूक हो सकें।

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13 अगस्त को हुआ था पिटबुल अटैक

गौरतलब है कि बीती 13 अगस्त को घुम्मण नगर में घर में रखे पिटबुल डाग द्वारा एक दंपती पर हमला करने की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद नगर निगम की ओर से शहर में पालतू डाग्स की रजिस्ट्रेशन का काम शुरू किया गया। निगम का उद्देश्य पालतू डाग की जानकारी अपने रिकार्ड में दर्ज करना और उनकी निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

दूसरी ओर देखा जाए तो निगम के पास पालतु या फिर स्ट्रीट डाग का ब्योरा नहीं है। उधर घुम्मण नगर में पिटबुल डाग बाइट की घटना को लेकर पीड़ित दंपती ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। यह दंपती अब स्वस्थ है। इस घटना में जिस डाग ने दंपती को काटा था, उस डाग के मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया गया था लेकिन उस केस में डाग मालिक को जमानत भी तुरंत ही मिल गई थी।

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जरूरी दस्तावेज ही नहीं डाग्स मालिकों के पास

निगम अधिकारियों के अनुसार सबसे बड़ी समस्या यह सामने आ रही है कि कई डाग मालिकों के पास पैट फिटनेस और वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं हैं। दस्तावेज पूरे नहीं होने के कारण ऐसे आवेदनों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।

निगम की ओर से आवेदनकर्ताओं को फोन कर दस्तावेज पूरे करवाने के लिए कहा जा रहा है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि पालतू डाग रखने वाले सभी लोगों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने डाग की रजिस्ट्रेशन करवानी चाहिए, ताकि निगम के पास शहर में रखे जा रहे पालतू डाग का रिकॉर्ड उपलब्ध हो सके।

दो तरीकों से करें रजिस्ट्रेशन 

नगर निगम के अनुसार डाग की रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए संबंधित व्यक्ति को आइडी प्रूफ, एड्रेस प्रूफ, व्यक्ति की फोटो, डाग की फोटो, वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट, एंटी-रेबिज सर्टिफिकेट और पेट फिटनेस सर्टिफिकेट जरूरी रखा गया है। नगर निगम द्वारा रजिस्ट्रेशन कराने के लिए दो तरह की प्रक्रिया रखी गई है। व्यक्ति अपने घर बैठे https://mseva.punjab.gov.in/citizen के जरिए रजिस्ट्रेशन करा सकता है।

इसके अलावा नगर निगम में जाकर दस्तावेज देकर मैन्युअल भी रजिस्ट्रेशन कराई जा सकती है। इसके अलावा भी अगर आनलाइन रजिस्ट्रेशन में कोई परेशानी आ रही है, तो निगम अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है।

देखा जाए तो निगम के पास अब तक आए आवेदनों में लेबरे, जर्मन शेफर्ड, पामेरियन व पग जैसे डागस् की रजिस्ट्रेशन कराई जा रही है। इसके अलावा जो डाग लोगों के लिए खतरनाक है, उनकी रजिस्ट्रेशन नहीं की जा रही और न ही अब तक निगम के पास ऐसे किसी डाग का आवेदन आया है।

लोगों से की गई है अपील

पूजा स्याल ग्रेवाल, कमिश्नर नगर निगम ने बताया कि शहर के लोगों को पैट डाग्स की रजिस्ट्रेशन के लिए अपील की गई है। इसके लिए शहर में निगम द्वारा मुनादी भी कराकर लोगों को रजिस्ट्रेशन कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। रजिस्ट्रेशन कराने के लिए एम सेवा पोर्टल या फिर फिर निगम की हेल्थ ब्रांच में आकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन कराने के लिए लोगों को निगम द्वारा हर तरह का सहयोग दिया जा रहा है।

रजिस्ट्रेशन करने के लिए जरूरी दस्तावेज

  • आइडी प्रूफ
  • एड्रेस प्रूफ
  • डाग मालिक की फोटो
  • पेट की फोटो
  • पेट वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट
  • एंटी रेबीज सर्टिफिकेट
  • पेट फिटनेस सर्टिफिकेट

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