ट्रैवल एजेंट के जरिए पहले रास्ते से हुआ डिपोर्ट, फिर डंकी रूट और इसके बाद... पढ़िए गुरविंदर सिंह की आपबीती
अमेरिका से डिपोर्ट हुए गुरविंदर सिंह दूसरी बार अमेरिका गए थे। पहली बार तो उन्हें रास्ते से ही डिपोर्ट कर दिया गया। बाद में वह डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंचे। उन्होंने बताया कि ट्रैवल एजेंट ने तीन महीने में पहुंचाने की बात कही थी लेकिन आठ महीने लगा दिए। फिर दोबारा यह ट्रवेल एजेंट के जरिए अमेरिका के बॉर्डर पहुंचे लेकिन वहां पर पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया।

जागरण संवाददाता, पटियाला। अमेरिका से डिपोर्ट हुए किशनगढ़ भादसों का रहने वाला 44 वर्षीय गुरविंदर सिंह दूसरी बार अमेरिका गया था। 45 लाख रुपये लेकर करनाल के एजेंट ने उसे वहां भेजा था। लेकिन उसे रास्ते से डिपोर्ट कर दिया गया। भारत आने के बाद ट्रैवल एजेंट ने उसे दोबारा डंकी रूट से अमेरिका भेजा, लेकिन वह बॉर्डर गिरफ्तार कर लिया गया।
पटियाला के एनआरआई थाना पुलिस ने करनाल की पीएचडी कॉलोनी के ट्रैवल एजेंट और उसके तीन साथियों के खिलाफ केस दर्ज लिया है।
रिश्तेदार की शादी में ट्रैवल एजेंट से मिला था गुरविंदर
गुरविंदर सिंह ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह विदेश जाने का इच्छुक था और हरियाणा में रिश्तेदार की शादी में करनाल के रहने वाले एक ट्रैवल एजेंट से उसकी मुलाकात हुई थी। उसने दावा किया कि वह 50 लाख रुपये लेकर तीन हफ्तों में अमेरिका भेज देगा।
सौदा 45 लाख रुपये में तय हुआ। गुरविंदर सिंह ने अपनी तीन बीघा जमीन बेच 18 लाख रुपये जुटाए और 15 लाख एजेंट को एडवांस दिया। बाकी रकम लोन व रिश्तेदारों से उधार लेकर आरोपित को चुकाई थी। गुरविंदर सिंह ने बताया कि ट्रैवल एजेंट ने तीन हफ्ते में अमेरिका पहुंचाने की बात कह आरोपितों ने आठ महीने लगा दिए।
पहले उसे दुबई भेजा। वहां उसे 45 दिन तक रखा, लेकिन काम देरी से होने की बात कहकर उसे दिल्ली भेज दिया। यहां से दो महीने के बाद दुबई भेजा। वहां से प्लाइट से कोनाकारी और फिर एम्सटरडैम भेजा लेकिन यहां से उसे वापस भारत भेज दिया।
सितंबर में भारत लौटे गुरविंदर सिंह को कुछ दिनों के बाद फिर से सूरीनाम भेजा। यहां पर करनाल के एजेंट के एक साथी उसे नाव से एक इलाके में ले गया।
यहां से ब्राजील से होते हुए कोलंबिया पहुंचाया। कोलंबिया के टापू से दो हफ्ते के बाद 25 लोगों का ग्रुप बनाकर नाव में पनामा जंगल पहुंचाया। यहां से मैक्सिको जंगल पार करते हुए अमेरिका के बार्डर पर पहुंचाया, लेकिन बार्डर पार करते ही अमेरिकी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
जालंधर के कई ट्रैवल एजेंट पुलिस की लिस्ट में
जालंधर, कपूरथला और होशियारपुर के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक के लिए विशेष तौर पर जालंधर आए डीजीपी अर्पित शुक्ला (लॉ एंड आर्डर) ने कहा कि ‘जालंधर के कई ट्रैवल एजेंट डिपोर्ट मामले में पुलिस की लिस्ट में हैं और उनको लेकर जांच जारी है।
जिन इमीग्रेशन वालों के पास लाइसेंस नहीं हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डिपोर्ट होकर आए लोगों से बातचीत की जा रही है। दस लोगों की शिकायत आ चुकी है और अन्यों की शिकायत का इंतजार है।’
डीजीपी ने बताया कि राज्यभर के ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ शिकंजा कसा जा रहा है। डिपोर्ट होकर आए युवकों से पूछताछ की जा रही है। उनको कहा जा रहा है कि यदि आपके साथ धोखा हुआ है तो शिकायत दें ताकि कार्रवाई की जा सके।
ट्रैवल एजेंटों को लेकर उन्होंने कहा कि डीजीपी गौरव यादव ने इस मामले में एसआइटी का गठन किया है, जो एडीजीपी प्रवीण सिन्हा के नेतृत्व में बनाई गई। अगर इस मामले में कोई शिकायत आएगी तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिन ट्रैवल एजेंटों और इमिग्रेशन वालों के पास लाइसेंस नहीं हैं और वे लोगों को बाहर भेजने के नाम पर ठगी कर रहे हैं, उनके खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी। यदि ट्रैवल एजेंट और इमिग्रेशन वाले ठगी करते हैं तो परेशान लोग पुलिस से संपर्क करें।
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