Farmers Fateh March: अंबाला में रहे असफल... तो किसानों ने पंजाब में निकाला फतेह मार्च, रिहा हुए जलबेड़ा का किया सम्मान
Farmers Fateh March किसानों ने नवदीप सिंह जलबेड़ा के सम्मान में फतेह मार्च निकाला। पहले ये मार्च अंबाला में निकाला जा रहा था। वहीं बाद में पंजाब में ही निकाला गया। युवा किसान नेता नवदीप सिंह जलबेड़ा को पुलिस ने रिहा किया है। इसके लिए पंजाब और हरियाणा के किसानों ने पंजाब में फतेह मार्च निकाला। यह मार्च शंभू बॉर्डर तक चला।

जागरण संवाददाता, राजपुरा (पटियाला)। युवा किसान नवदीप सिंह जलबेड़ा को हरियाणा पुलिस की ओर से मंगलवार को रिहा करने पर हरियाणा और पंजाब के किसानों ने पंजाब में फतेह मार्च निकाला। हरियाणा की सीमा से सटे पंजाब के गांव जमीतगढ़ से निकाला गया यह फतेह मार्च शंभू बॉर्डर पर जाकर संपन्न हुआ।
पहले हरियाणा के अंबाला में निकाला जाना था मार्च
पहले यह मार्च हरियाणा के अंबाला में निकाला जाना था। इसके लिए किसानों को हरियाणा के किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) ने अंबाला की अनाज मंडी में इकट्ठा होने का आह्वान किया था।
तय कार्यक्रम के तहत किसान जब अनाज मंडी में इकट्ठा होने लगे तो हरियाणा पुलिस ने जिले में बीएनएस की धारा 163 लागू होने के कारण उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद फैसला लिया गया कि अब यह मार्च पंजाब में निकाला जाएगा। इस पर सभी किसान गांव जमीतगढ़ पहुंचे और वहां से लोह सिंबली व उंटसर होते हुए शंभू में पहुंचे।
शंभू बॉर्डर पर किया जाएगा नवदीप का सम्मान
किसान नेता सरवण सिंह पंढेर ने कहा कि अंबाला अनाज मंडी में इकट्ठा होकर किसान नवदीप जलबेड़ा का समान करना चाहते थे लेकिन पुलिस ने किसानों को वहां जाने से रोक दिया। किसानों ने नवदीप का सम्मान शंभू बॉर्डर पर करने का फैसला लिया।
पंजाब सरकार ने नहीं रोके किसान
पंजाब से अंबाला की तरफ जा रहे किसानों को पंजाब सरकार ने रोकने का कोई प्रयास नहीं किया। ऐसे में किसान घनौर, टिवाणा-झजों, जंड-मंगोली व लोह-सिंबली मार्ग से अंबाला की तरफ बढ़ते चले गए। किसान जब हरियाणा की सीमा पर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें बेरिकेडस और बसें लगाकर रोक दिया।
इस दौरान कुछ समय के लिए वहां पर स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। इस पर हरियाणा पुलिस ने किसान नेता अमरजीत सिंह मोहड़ी, जसविंदर सिंह लोंगोवाल, रंजीत सिंह राजू, गुरप्रीत सिंह संघा, बलकार सिंह, मंजीत सिंह, दलजीत सिंह, हरविंदर सिंह समेत करीब 25-30 किसानों को हिरासत में ले लिया और बाद में छोड़ दिया गया।
पंजाब में ही निकाला गया मार्च
अंबाला में किसानों के इकट्ठा नहीं हो पाने के बाद किसान नेताओं ने पंजाब में ही मार्च निकालने का प्रयास किया। घनौर के गांव जमीतगढ़, लोह-सिंबली, उंटसर से होता हुआ फतेह मार्च शंभू बॉर्डर तक निकाला गया।
यह भी पढ़ें: 'कामागाटा मारू' घटना को याद कर लाइव शो में भावुक हुए Diljit Dosanjh, जानिए क्या था 110 साल पुराना ये हादसा?
शाम को शंभू में समाप्त हुए फतेह मार्च के उपरांत जेल से रिहा हुए नवदीप को समानित किया। नवदीप ने युवा किसानों को आगे आने का आह्वान किया। बुधवार को दिनभर चर्चाएं बनी रही कि नवदीप को पुलिस ने हिरासत में लिया, लेकिन यह बात गलत पाई गई।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।