भारतीय मूल्यों व संस्कृति पर दिया जोर
संस राजपुरा (पटियाला) भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस आरसी लाहोटी ने यूनिवर्सिटी की
संस, राजपुरा (पटियाला) : भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस आरसी लाहोटी ने यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ. अर्चना मंत्री से, भारतीय मूल्यों और संस्कृति पर आनलाइन इंटरफेस के जरिए अपने विचार सांझा किए। उन्हें जीवन और अपने काम में ढालने के लिए प्रेरित किया।
चितकारा यूनिवर्सिटी की एक्सप्लोर सीरिज ऑफ टॉक्स के तहत जस्टिस लाहोटी ने भारतीय मूल्यों और संस्कृति के बारे में बातें की। उनकी धैर्य, बुद्धि, बुद्धिमत्ता और ऐतिहासिक निर्णयों से अधिक, न्यायमूर्ति लाहोटी न्यायिक हलकों में मूल्यों के एक व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं। वह भारतीय मूल्यों और संस्कृति में ²ढ़ विश्वास रखते हैं और यह स्वीकार करते हैं कि दुनिया को भारतीय संस्कृति द्वारा दिए गए मूल्यों से जीने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम विस्फोट के समय में रह रहे हैं और यदि हमारे जीवन से मूल्य नष्ट हो जाते हैं, तो दुनिया आत्माओं के बिना चलने वाले शरीरों का एक समूह होगी। मूल्य केवल नैतिकता, नैतिकता या सिर्फ अच्छा होना ही नहीं है। वे अच्छाई व सच्चाई या अंतर्निहित वांछनीयता के स्थायी विश्वास हैं। कार्य-जीवन संतुलन पर सरल सुझाव सांझा करते हुए, उन्होंने जल्दी उठने, प्रार्थना, प्राणायाम, योग और ध्यान करने पर जोर दिया। अपनी टिप्पणियों के दौरान, उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी के संस्थापकों को बधाई दी।
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