विनोद कुमार, पठानकोट

कोरोना के बढ़ते मामलों ने जहां सेहत विभाग के लिए दोबारा परेशानियां पैदा हो गई हैं, वहीं जनता में भी इसे लेकर कई प्रकार की शंकाएं पैदा हो गई हैं। प्रदेश सरकार द्वारा यहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट में 50 फीसद सवारियां चलाने की बात कही गई हैं, वहीं लंबी दूरी की ट्रेनों में भी फिर से वेटिग बढ़ना शुरू हो गई हैं। विभिन्न प्रदेशों के आए लोग तेजी से रिजर्वेशन करवा रहे हैं ताकि ऐसे में यदि उन्हें अपने घर जाना पड़े तो सीट के लिए परेशान न होना पड़े। खास तौर पर उत्तर प्रदेश, बिहार व छत्तीसगढ़ जाने वाले यात्रियों में यह बात ज्यादा देखने को मिल रही है। यही कारण है कि जम्मूतवी व कटड़ा से चलकर पठानकोट के रास्ते उक्त राज्यों को जाने वाली ट्रेनें अगले एक से डेढ़ महीने तक पैक हो गई हैं। जिस तरह से यात्री धड़ाधड़ टिकट बुक करवा रहे हैं उससे तो अगले पांच-सात दिनों में ही ट्रेनें दो से तीन महीने तक पैक हो जाएंगी।

घर वाले बोले, वापस आ जाओ

पठानकोट में ठेकेदारी के तहत कैंटीन का काम करने वाले अजय कुमार व अजीत पाल (निवासी गौंडा उत्तर प्रदेश) ने कहा कि वह पिछले करीब 15 वर्षों से पठानकोट व दीनानगर में कैंटीन का काम करते हैं। पिछले साल कोरोना शुरु होने के बाद वह घर चले गए थे, लेकिन, बाद में छूट मिलने के बाद पिछले वर्ष नवंबर में ही दोबारा आए थे। दो महीने तो काम चला नहीं। अब थोड़ा बहुत चल पड़ा है परंतु कोरोना ने दोबारा पांव पसारना शुरू कर दिए। जिसके बाद घर वालों ने फोन करके कहा है कि वापस आ जाओ, जिसके बाद वह अपनी टिकट बुक करवाने आए हैं।

अजय ने कहा कि अमरनाथ एक्सप्रेस में तो 8 जून तक वेटिग चल रही है। लिहाजा, अभी अगले एक-दो दिन वह तत्काल के लिए ट्राई करेंगे। जिस दिन की भी सीट मिल गई वह वापस चले जाएंगे। जैसे ही स्थिति ठीक होगी दोबारा आ जाएंगे। फिलहाल, वह इस समय परिवार के साथ रहना ठीक समझ रहे हैं।

यूपी-बिहार जाने वाली ट्रेनों में बढ़ी वेटिग

ट्रेन रिजर्वेशन (स्लीपर क्लास)

-हिमगिरी एक्सप्रेस (02332) 20 मई तक फुल।

-भागलपुर एक्सप्रेस (05098) 8 जून तक फुल।

-अर्चना सुपरफास्ट (02356) 19 जून तक फुल।

-बेगमपुरा सुपरफास्ट (02238) 31 जून तक फुल।

-संबलपुर एक्सप्रेस (08210) 15 मई तक फुल। लोगों के पास सिर्फ तत्काल का सहारा

पठानकोट रेलवे अधिकारी ने कहा कि पिछले सप्ताह तक लंबी दूरी की खास तौर पर यूपी, बिहार व छत्तीसगढ़ जाने वाली ट्रेनों में बारह से पंद्रह दिनों की वेटिग थी, लेकिन अब एक दम से ट्रेनों में वेटिग बढ़ना शुरू हो गई है। लगभग सभी ट्रेनें 15 से 31 मई तक तक वेटिग में हो गई है। ऐसे में लोगों के पास केवल तत्काल ही सहारा रहेगा।

Edited By: Jagran