लड़कियों की शादी, गरीबों को बांटता है कंबल...अनोखा है पंजाब का यह भिखारी, PM मोदी ने भी की तारीफ
राजू भिखारी जो खुद एक भिखारी हैं ने जरूरतमंदों की मदद के लिए एक अनोखी पहल की है। उन्होंने 200 कंबल वितरित किए और एक चाय का स्टॉल भी लगाया। राजू भिखारी के इस नेक काम की चारों ओर सराहना हो रही है। 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी तारीफ की थी। राजू भिखारी अपनी कमाई का 70 प्रतिशत हिस्सा समाज सेवा में लगाते हैं।

जागरण संवाददाता, पठानकोट। भिखारी होने के बाद भी जरूरतमंदों की सेवा करने वाले राजू भिखारी ने शनिवार को 200 जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए। इसके अलावा लंगर का स्टाल भी लगाया।
शहर के वाल्मीकि चौक में आयोजित कार्यक्रम के दौरान थाना डिवीजन नंबर-एक के प्रभारी दविंद्र काश्मी मुख्य रूप से पहुंचे। उन्होंने राजू भिखारी के साथ मिलकर जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए और राजू की सराहना की।
2020 में पीएम मोदी कर चुके हैं तारीफ
बता दें कि 2020 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वर्ष पहले लॉकडाउन के दौरान पठानकोट के दिव्यांग राजू की तरफ से बिना मास्क पहने घूम रहे लोगों को 3000 से अधिक मास्क और 100 जरूरतमंद लोगों को राशन बांटने पर कार्यक्रम में प्रशंसा की थी।
जिसके बाद राजू कई टीवी चैनलों और अखबारों की सुर्खियां भी बने थे। राजू भिखारी ने बताया कि उसे जितने भी पैसे भीख के रूप में मिलते हैं, उनमें से 70 प्रतिशत पैसे वह सामाजिक कार्यों में लगाते हैं। इसके तहत वह जरूरतमंदों को कंबल वितरित करते हैं।
यह भी पढ़ें- बठिंडा में पेट्रोल छिड़कर जला दिए 7 मकान, गांव पर 50 लोगों ने किया हमला; जान बचाते नजर आए महिलाएं और बच्चे
अपने आप में मिसाल हैं राजू
वहीं, निर्धन परिवारों की कन्याओं की शादी भी करवाते हैं। इसके अलावा वह प्रत्येक वर्ष एक जागरण भी करवाते हैं। यह सब उसे भगवान से ताकत मिलती है तो वह इस कार्यों को करवाते हैं।
उधर, थाना डिवीजन नंबर-एक के प्रभारी दविंद्र काश्मी ने कहा कि राजू भिखारी अपने आप में एक मिसाल है। वह भीख मांगता है और उस पैसों को जरूरतमंदों की सेवा के लिए लगाते हैं, जिसकी वह सराहना करते हैं।
यूपी में 90 हजार रुपये कमाते हैं भिखारी
चौराहों और मंदिरों के पास भिक्षावृत्ति में लगे भिखारी महीने में 90 हजार और साल में करीब 11 लाख रुपये कमाते हैं। यह सुनकर आप भले ही हैरान हो गए हों, लेकिन यह सच है। जिला नगरीय विकास अभिकरण की ओर से किए गए सर्वे में लखनऊ में भिखारियों ने कमाई के मामले में कई नौकरी पेशा को भी पीछे छोड़ दिया है।
लखनऊ में कई भिखारियों के पास स्मार्टफोन और पैनकार्ड तक मिले हैं, भिखारियों की धरपकड़ और सर्वे में ये बात सामने आई है। सर्वे के दौरान 5,312 भिखारी मिले। अब इनको योजनाओं से जोड़ने की तैयारी है।
यह भी पढ़ें- Punjab News: अपने ही घर पर गोलियां चलाने वाले शिवसेना नेता अश्वनी कुक्कू गिरफ्तार, पुलिस सुरक्षा के लिए रची थी साजिश
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।