Pathankot: सिविल अस्पताल में स्टाफ व डाक्टर की गलती से महिला के पेट में ही बच्चे की मौत का आरोप
Pathankot फर्श पर महिला की डिलीवरी होने का मामला ठंडा हुए अभी कुछ ही दिन हुए है कि एक बार फिर सिविल के डाक्टर पर नार्मल डिलीवरी का इंतजार करने व महिला के पेट में ही बच्चे की मौत हो जाने का आरोप लगा है।

पठानकोट, जागरण टीम: सिविल अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। फर्श पर महिला की डिलीवरी होने का मामला ठंडा हुए अभी कुछ ही दिन हुए है, कि एक बार फिर सिविल के डाक्टर पर नार्मल डिलीवरी का इंतजार करने व महिला के पेट में ही बच्चे की मौत हो जाने का आरोप लगा है।
महिला के पेट में ही बच्चे की मौत हो जाने को लेकर हिमाचल प्रदेश के फतेहपुर निवासी निर्मल सिंह ने डाक्टर्स व स्टाफ पर उसके बच्चे की हत्या के आरोप लगाए है। निर्मल सिंह ने बताया कि उसकी 26 वर्षीय पत्नी मीनाक्षी नौ माह से गर्भवती थी, डाक्टर की ओर से 18 नवंबर को डिलीवरी का समय दिया गया था। इस पर निर्धारित तिथि पर आने के उपरांत डाक्टर ने उन्हें 20 को डिलवरी के लिए अस्पताल बुलाया। 20 नवंबर को सुबह नौ से दस के बीच वह डिलीवरी के लिए पत्नी को अस्पताल ले आए।
अस्पताल में स्टाफ की ओर से पत्नी को भर्ती करने के उपरांत उन्हें बताया गया कि नार्मल डिलीवरी होनी है। वह डिलीवरी का इंतजार करता रहा। लेकिन, पहले शाम व बाद में देर रात तक स्टाफ उन्हें नार्मल डिलीवरी होने का इंतजार करने को कहता रहा। देर रात डेढ़ बजे स्टाफ व डाक्टर ने उन्हें महिला को किसी अन्य अस्पताल में लेकर जाने को बोल कर रेफर कर दिया। उनके द्वारा इतनी रात को कहीं ओर जाने से मना करने पर स्टाफ ने उन्हें लिखित में लिख कर देने को कहा कि अगर महिला या बच्चे को कुछ हो जाता है तो अस्पताल उसके लिए जिम्मेवार नहीं होगा।
निर्मल सिंह ने आरोप लगाया कि बच्चे की महिला के पेट में ही मौत हो जाने के कारण अस्पताल स्टाफ व डाक्टर की ओर से उन्हें रेफर किया गया। तीसरे में आपरेशन के दौरान हुआ मृत लड़का निर्मल सिंह ने बताया कि आधी रात को वह अपनी पत्नी को लेकर तीन निजी अस्पतालों में भटका। दो अस्पतालों में जांच के दौरान बच्चे की पेट में ही मौत हो जाने की बात कह भर्ती नहीं किया।
तीसरे अस्पताल में उसकी पत्नी को भर्ती किया गया, जहां आपरेशन से उसने मृत लड़के को जन्म दिया और पत्नी की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। उसकी पत्नी को ब्लड चढ़ रहा है वहीं अभी तक उसकी हालत के बारे में कुछ नहीं बोला जा सकता। डाक्टर मेरे बच्चे के हत्यारे निर्मल सिंह ने बताया कि अगर समय रहते उसकी पत्नी का आपरेशन किया जाता या समय रहते उन्हें अन्य अस्पताल रेफर कर दिया जाता तो उसके बच्चे की जान बच सकती थी। लेकिन,डाक्टर ने बच्चे की पेट में मौत हो जाने के उपरांत उन्हें रैफर किया।
जिस कारण सिविल के डाक्टर उसके बच्चे की हत्या के जिम्मेवार है। बताया कि वह इंसाफ के लिए पुलिस में मामला दर्ज करवाएंगे। वहीं एसएमओ को भी मामले के बारे में बताया है । एसएमओ ने उन्हें लिखित में शिकायत देने को कहा है।
शिकायत मिली है, डाक्टरों का बोर्ड बनाकर जांच करवाई जाएगी इस सारी घटना के बारे में सिविल अस्पताल के कार्यकारी एसएमओ का कहना है कि परिवार की ओर से उन्हें लिखित में शिकायत दी गई है। डाक्टर्स का बोर्ड बना कर मामले की जांच करवाई जाएगी। जो भी घटना में दोषी पाया जाएगा उस पर कार्यवाही की जाएगी।
फर्श पर डिलवरी का मामला सुर्खियों में रहा सिविल अस्पताल 27 सितंबर को गर्भवती को डिलीवरी के लिए भर्ती न करने व महिला की ओर से फर्श पर ही बच्चे की डिलवरी को लेकर सुर्खियों में रह चुका है। उस समय अस्पताल प्रबंधन की ओर से मामले पर कार्यवाही के नाम पर उस समय लेबर रूम में तैनात स्टाफ को सिविल अस्पताल के ही अन्य वार्डों व डाक्टर को सीएचसी में ट्रांसफर किया गया था। इससे पहले भी अस्पताल में देर रात मरीजों को भर्ती न करने व रेफर करने के आरोप लगे हैं।
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