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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पठानकोट में माधोपुर हेडवर्क्स के चार फ्लड गेट टूटे, 65 कर्मी पानी में फंसे; हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू की कोशिश

Published: Wed, 27 Aug 2025 06:22 PM (IST)Updated: Wed, 27 Aug 2025 06:34 PM (IST)

माधोपुर में रावी नदी पर बने रणजीत सागर डैम से अचानक पानी छोड़े जाने से अफरा-तफरी मच गई। पानी को ...और पढ़ें

माधोपुर हैडवर्क्स के चार गेट टूटे, एक कर्मचारी बहा।
माधोपुर हैडवर्क्स के चार गेट टूटे, एक कर्मचारी बहा।

HighLights

  1. रावी में दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया
  2. 54 में से चार गेट पानी में बहे

संवाद सहयोगी, माधोपुर। रणजीत सागर डैम से बुधवार सुबह दो लाख से अधिक क्यूसेक पानी माधोपुर की ओर छोड़ा गया। दोपहर तक पानी को नियंत्रित करने के प्रयास किए गए ताकि माधोपुर हैडवर्क्स पर पानी रोकने के लिए बनाए गए गेटों को खोला जा सके। इस कार्य में विभाग के 65 कर्मचारी और अधिकारी बाहरी टीमों के साथ जुट गए।

लेकिन अचानक पानी को रोकने के लिए लगाए गए 54 गेटों में से चार गेट बह गए, जिससे एक कर्मचारी बह गया। एक अधिकारी ने बहते हुए कर्मचारी को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह भी मुश्किल में पड़ गया। इस घटना के कारण लगभग 65 कर्मचारी और अधिकारी कश्मीर कैनाल में पानी आने के कारण फंस गए।

इसके बाद जिलाधीश से संपर्क कर हेलीकॉप्टर के माध्यम से कर्मचारियों और अधिकारियों को निकालने का कार्य शुरू किया गया। दो हेलीकॉप्टरों की मदद से सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश एक कर्मचारी पानी में बह गया, जिसका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है।

यूबीडीसी नहर पर बने दोनों पुलों पर आवागमन बंद

गौरतलब है कि मंगलवार रात्रि यूबीडीसी नहर में भारी पानी आने के कारण माधोपुर स्थित यूबीडीसी नहर पर बने दोनों पुलों के ऊपर से चार से पांच फीट पानी बह गया। इससे पुलों को भारी नुकसान हुआ और पुलों के साथ में लगी रेलिंग और नहर के किनारे बने एक होटल का पिछला हिस्सा भी पानी के बहाव में बह गया।

इस स्थिति के चलते पुलों पर आवागमन मंगलवार रात से ही बंद कर दिया गया था। इसी प्रकार माधोपुर स्थित इंटरेस्टेड पुलिस नाके को भी पानी आने के डर से वहां से हटा लिया गया था, लेकिन बुधवार सुबह इसे फिर से स्थापित किया गया।

रेलवे लाइन का एक हिस्सा खिसका, ट्रेनों की आवाजाही बंद

सूत्रों के अनुसार रावी दरिया के ऊपर बने रेलवे लाइन का कुछ हिस्सा खिसक गया है। पानी का बहाव इतना तेज है कि नीचे से पिलर के हिलने का अंदाजा लगाया जा रहा है, जिसके चलते ट्रेनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। कठुआ से पठानकोट आने वाले रावी के पुल पर भी आवाजाही पूरी तरह से बंद है।

माधोपुर हैडवर्क्स का दौरा करने पहुंचे डीसी पठानकोट आदित्य उप्पल और एसपी दलजिंदर सिंह ने स्थिति का जायजा लिया। इस अवसर पर डीसी ने कहा कि उनकी ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। यदि किसी को किसी प्रकार की समस्या आती है तो वह इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं और सरकार हर संभव मदद करेगी।

नहरें भी उफान पर, घरों में घुसा पानी

माधोपुर यूवीडीसी नहर में आए पानी के कारण रावी दरिया का पानी रोकने के लिए सिंचाई विभाग ने 54 गेट लगाए हैं। लेकिन जब रणजीत सागर डैम से पानी आया तो उनमें से केवल 19 गेट ही खुले, जिससे रावी का पानी ओवरफ्लो होकर नहर के रास्ते एएमबी लिंक और हाईडल नहर में चला गया। इससे नहरें भी उफान में आ गईं, जिससे आसपास के कई गांवों के घरों में पानी घुस गया और नुकसान हुआ।