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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नवांशहर: इजरायली वित्त मंत्री के दौरे पर फासीवाद विरोधी फ्रंट का जोरदार प्रदर्शन, उठी फिलिस्तीन को स्वतंत्र करने की मांग

Published: Wed, 10 Sep 2025 04:34 PM (GMT+05:30)

नवांशहर में फासीवादी हमलों विरोधी फ्रंट ने इजरायली वित्त मंत्री बेजाजिल स्मोत्रिक की भारत यात्रा का विरोध किया। नेताओं ने ...और पढ़ें

नवांशहर में इजरायल के वित्त मंत्री की भारत यात्रा के विरोध में रोष प्रदर्शन (फोटो: जागरण)
नवांशहर में इजरायल के वित्त मंत्री की भारत यात्रा के विरोध में रोष प्रदर्शन (फोटो: जागरण)

HighLights

  1. इजरायली मंत्री की भारत यात्रा का विरोध
  2. फिलिस्तीनियों के खिलाफ नरसंहार का आरोप
  3. इजरायल से सहयोग रद्द करने की मांग

जागरण संवाददाता, नवांशहर। फ़ासीवादी हमलों विरोधी फ्रंट द्वारा जिला शहीद भगत सिंह नगर ने इजरायली वित्त मंत्री बेजाजिल स्मोत्रिक की भारत यात्रा के विरोध में नवांशहर में विरोध प्रदर्शन किया।

इससे पहले, स्थानीय बस स्टैंड पर एक सभा को संबोधित करते हुए कुलविंदर सिंह वड़ैच, जसबीर दीप, हरपाल सिंह जगतपुर, कुलदीप सिंह, जसविंदर सिंह भंगल, जुझार सिंह कुक्कड़ मजारा और हरि राम रसूलपुरी ने कहा कि बेजाजिल स्मोत्रिक ने भारत सरकार के साथ द्विपक्षीय निवेश समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए इजरायली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया है।

स्मोत्रिक एक अति-दक्षिणपंथी नस्लवादी पार्टी से संबंधित हैं, जो नेतन्याहू सरकार में फिलिस्तीनी लोगों को जबरन विस्थापित करके गाजा पट्टी पर कब्जा कर रही है। वह कब्जे वाले वेस्ट बैंक को अपने में मिलाने के प्रस्तावों के भी एक प्रमुख समर्थक हैं।

नेताओं ने कहा कि इजरायल की नस्लवादी और विस्तारवादी नेतन्याहू सरकार फिलिस्तीनियों के खिलाफ नरसंहार कर रही है। इजरायली सेना ने गाजा को मलबे में तबदील कर दिया है, जिसमें 70,000 से ज़्यादा फ़िलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें ज़्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं।

इजरायली सेना राशन और दवाइयों की आपूर्ति रोककर फिलिस्तीनियों को बिना इलाज के भूखा मरने पर मजबूर कर रही है। गाजा में विकलांगों की संख्या कई हजार तक पहुंच गई है। इजरायली आक्रमण के विरोध में, कई देशों ने उनके प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है और कुछ ने अन्य प्रतिबंध भी लगाए हैं।

इन देशों में यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, आस्ट्रेलिया, नार्वे, नीदरलैंड, स्लोवेनिया और न्यूजीलैंड शामिल हैं। नेताओं ने कहा कि यह बेहद शर्म की बात है कि केंद्र की भाजपा सरकार ने ऐसे व्यक्ति की मेजबानी की और इजरायली सरकार के साथ समझौते किए, वह भी ऐसे समय में जब गाजा के लोगों का हर दिन नरसंहार हो रहा है।

यह कार्रवाई भाजपा सरकार के नेतन्याहू सरकार के साथ गहरे और मज़बूत संबंधों और गाजा में चल रहे भीषण नरसंहार में उसकी संलिप्तता को उजागर करती है। वक्ताओं ने मांग की कि भारत सरकार इजरायल के साथ सभी सैन्य, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग रद्द करे, फिलिस्तीन को पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान करे, फिलिस्तीनियों पर इज़रायल के सैन्य हमलों को रोके और फिलिस्तीन की घेराबंदी समाप्त करे।