विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

काठगढ़: मुख्य न्यायाधीश पर हमले को कामरेड राणा ने बताया दलित विरोधी कृत्य, लोकतंत्र की रक्षा की अपील

Published: Thu, 09 Oct 2025 03:05 PM (IST)Updated: Thu, 09 Oct 2025 03:16 PM (IST)

काठगढ़ में मनरेगा अधिकार आंदोलन की बैठक में कामरेड करण सिंह राणा ने मुख्य न्यायाधीश पर हमले की निंदा की। ...और पढ़ें

कामरेड करण सिंह राणा ने मुख्य न्यायाधीश पर हमले की निंदा की (फाइल फोटो)

कामरेड करण सिंह राणा ने मुख्य न्यायाधीश पर हमले की निंदा की (फाइल फोटो)

HighLights

  1. मुख्य न्यायाधीश पर हमला दलित विरोधी

  2. राणा ने की हमले की कड़ी निंदा

  3. लोकतंत्र बचाने की जनता से अपील

संवाद सहयोगी, काठगढ़। वीरवार को मनरेगा अधिकार आंदोलन से जुड़े भाई लालो लोक मंच पंजाब की तहसील नवांशहर इकाई की बैठक कामरेड सुरजीत कुमार के नेतृत्व में हुई। बैठक में मनरेगा फंड और काम में कटौती, राशन कार्ड में कटौती, साल में 200 दिन काम और 100 रुपये प्रतिदिन वेतन पाने वाले व्यक्ति जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए, सांझा किसान मजदूर मोर्चा के महासचिव कामरेड करण सिंह राणा ने पिछले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पर हुए हमले की कड़ी निंदा की और इसे जनविरोधी, संविधान-विरोधी और दलित-विरोधी विचारधारा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह दक्षिणपंथी विचारधारा कॉर्पोरेट पूंजीवादी पार्टी की विचारधारा है, जिसकी बुनियाद झूठ, पाखंड, नफरत, अंधविश्वास और भय का माहौल है।

हमलावर ने हमले को ईश्वर का आदेश बताया है, जबकि यह विचारधारा ईश्वर और धर्म में विश्वास करने का केवल दिखावा करती है। इस विचारधारा ने न तो कभी स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया और न ही किसानों-मजदूरों के संघर्षों का समर्थन किया। यह विचारधारा केवल ब्रिटिश साम्राज्यवाद और पूंजीवाद की समर्थक रही है।

कॉमरेड राणा ने कहा कि यह दक्षिणपंथी विचारधारा हमेशा से एकजुटता वाले समाज के निर्माण के खिलाफ रही है। दलित वर्ग से आने वाले मुख्य न्यायाधीश को चुन-चुनकर निशाना बनाना दरअसल उत्पीड़ित, दलित और शोषित भारतीय समाज के लिए एक चेतावनी है कि उसके दरवाजे तक पूर्ण सन्नाटे का माहौल पहुँच रहा है। ऐसा घुटन भरा माहौल बनाया जा रहा है कि संविधान और कानून के रखवाले सुरक्षित नहीं हैं, उनके मन में डर है।

कामरेड राणा ने जनता, शोषितों और मेहनतकश लोगों से पुरज़ोर अपील की है कि वे स्वतंत्रता संग्राम और लोकतांत्रिक मूल्यों की अपनी साझी गौरवशाली विरासत की रक्षा के लिए निडर होकर आगे आएँ। इस अवसर पर निर्मला देवी जिला कोषाध्यक्ष, कोमल रानी तहसील अध्यक्ष, मनोहर लाल तहसील अध्यक्ष बलाचौर, जीत सिंह और जसविंदर कौर ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।