नवांशहर में आंधी तूफान से सब कुछ उथल-पुथल, 200 गांवों में 14 घंटे गुल रही बिजली; परेशान हुए लोग
शनिवार शाम को काठगढ़ क्षेत्र में अचानक मौसम बदलने से तेज आंधी-तूफान आया जिससे सब कुछ अस्त-व्यस्त हो गया। बिजली गुल हो गई और ब्लाक बलाचौर के लगभग 200 गांवों में 14 घंटे तक अंधेरा छाया रहा। पेड़ों के लाइनों पर गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई। पावरकॉम ने सुबह जांच के बाद बिजली बहाल की। बारिश का इंतजार रहा पर नहीं हुई।

सतीश शर्मा, काठगढ़। शनिवार शाम अचानक मौसम ने करवट बदली। आसमान पर काली घटाएं, तेज आंधी जो कि धीरे-धीरे जोरदार तूफान में बदल गया, जिसने सब कुछ उथल-पुथल कर दिया और शाम को साढ़े सात बजे के करीब चारों तरफ तूफान के आवाजें आने लगी। सब कुछ एक साथ ही रुक गया, लोगों में भी भगदड़ सी मच गई और बिजली को भी बंद कर दिया गया।
काफी समय तक आंधी तूफान चलता रहा और रात भर हवा मिट्टी का खेल चलता रहा। लोगों ने बिजली के आने की उम्मीद छोड़ दी। लगभग डेढ़ बजे के करीब हवा तो जरूर थोड़ी चलती रही परन्तु मौसम साफ हो गया। पावर काम विभाग ने साफ जवाब दे दिया और सुबह लाइनें चेक करके फिर बिजली चालू की गई।
ब्लाक बलाचौर के सभी गांवों में बत्ती गुल रही
ब्लाक बलाचौर के 200 के करीब पंचायती गांव हैं, वहां पर आंधी तूफान से कई जगह लाइनों पर पेड़ गिर गए, कई जगह पर रास्ते में पेड़ गिर पड़े। इस प्रकार 14 घंटे बिजली गुल रही। पावरकाम के कर्मचारी सुबह आकर पेड़ों को लाइनों से अलग करने में जुटे रहे। सुबह आठ बजे के करीब बिजली की सप्लाई को बहाल किया गया।
बारिश का इंतजार रहा, परन्तु नहीं हुई
आंधी तूफान के साथ आम तौर पर बाद में बारिश आकर सब कुछ ठीकठाक हो जाता है, परन्तु इस बार नहीं हुआ। बारिश नहीं आई, सारी रात मौसम करवट लेता रहा। पावरकाम के एसडीओ उप मंडल दिनेश कुमार ने बताया कि जब मौसम खराब होता है, तेज आंधी तूफान से पेड़ बिजली की लाइनों पर गिर जाते हैं, तो बिना चैक किए हम बिजली को चालू नहीं कर सकते। ताकि कोई हादसा न हो जाए। किसानों को तारों से हट कर पेड़ लगाने चाहिए। कई बार हम कह चुके हैं।
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