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    नवाशंहर में अंगद सिंह हारे पर रायबरेली में खिला 'कमल'

    पूर्व कांग्रेसी नेता और निवर्तमान विधायक अंगद सिंह की पत्‍‌नी और भाजपा प्रत्याशी अदिति सिंह ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली सदर से चुनाव जीत लिया है

    By JagranEdited By: Updated: Thu, 10 Mar 2022 11:48 PM (IST)
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    नवाशंहर में अंगद सिंह हारे पर रायबरेली में खिला 'कमल'

    जागरण संवाददाता, नवांशहर

    पूर्व कांग्रेसी नेता और निवर्तमान विधायक अंगद सिंह की पत्‍‌नी और भाजपा प्रत्याशी अदिति सिंह ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली सदर से चुनाव जीत लिया है, पर अंगद सिंह नवांशहर से चुनाव हार गए हैं। अंगद सिंह को 31516 वोट मिले जबकि विजेता अकाली बसपा के उम्मीदवार नछत्तर पाल को 36695 वोट मिले। अंगद 5353 वोटों के अंतर से हार गए हालांकि अंगद की ओर से जबरदस्त फाइट दी गई है। कांग्रेस से निकाले जाने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर उन्हें 31 हजार से ज्यादा वोट मिले।

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    उल्लेखनीय है कि अदिति सिंह ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस छोड़ भारतीय जनता पार्टी को ज्वाइन कर लिया था। इससे नाराज कांग्रेस की प्रियंका गांधी ने अंगद सिंह का नवांशहर से टिकट काट दिया था। प्रदेश के कई दिग्गज नेताओं ने अंगद की पैरवी की थी कि वो नवांशहर से कांग्रेस के विनर उम्मीदवार हैं पर प्रियंका गांधी ने साफ मना कर दिया। कांग्रेस के दिल्ली के एक नेता ने जब अंगद की बात प्रियंका के सामने रखी तो एक शर्त पर अंगद को कांग्रेस की टिकट देने का फैसला लिया गया। शर्त थी कि अंगद अपनी पत्नी अदिति सिंह के खिलाफ इंटरनेट मीडिाय पर लिखेंगे, लेकिन अंगद ने ऐसा नहीं किया। खुद अंगद सिंह ने इसके बाद अपने फेस बुक पर इस बात का जिक्र किया था कि उनके फैमिली मैटर को इंटरनेट मीडिया पर लेकर जाने के लिए उन पर दबाब बनाया जा रहा है। दबाब के आगे न झुकते हुए अंगद ने अदिति के खिलाफ कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। अपने समर्थकों के कहने पर वो आजाद चुनाव लड़े। वहीं अंगद की टिकट कटने पर अदिति ने प्रियंका गांधी पर आरोप लगाए थे।

    नामांकन के बाद अदिति ने कहा था कि प्रियंका ने मेरे परिवार को प्रताड़ित किया। उन्होंने मेरे पति का टिकट काट दिया। इसका कोई औचित्य नहीं है, बहुत से ऐसे पति-पत्नी और परिवार के सदस्य रहे हैं, जो अलग-अलग पार्टी में रहे हैं। प्रियंका लड़कियों के स्वाभिमान को मानती हैं तो क्या लड़कियों की अपनी विचारधारा नहीं हो सकती है। मेरी विचारधारा कांग्रेस से नहीं मिलती, अंगद की मिलती थी। यदि उन्हें महिला सशक्तीकरण की चिता होती तो पंजाब और उत्तराखंड, गोवा में महिलाओं को इतना कम क्यों टिकट दिया है। यूपी में उन्हें पता है दाल नहीं गलनी है तो यहां 40 प्रतिशत टिकट बांटे जा रहे हैं। अपने आप को वह रायबरेली की बेटी कहती हैं। यहां से उनका परिवार लंबे समय से सांसद रहा है और यहां एक बिना बाप की लड़की, जो अकेले मैदान में लड़ रही है, तब भी वह इतना प्रताड़ित किए जा रही हैं, मेरे परिवार को इतना परेशान किया है। मेरे पति पर दबाव बनाया गया इनके खिलाफ बोलिए, तभी हम आपको टिकट देंगे।