मुक्तसर साहिब में आवारा कुत्ते का आतंक; साढ़े तीन साल के मासूम को बेरहमी से नोचा, इलाके में दहशत
मुक्तसर के सरायनागा में आवारा कुत्ते ने साढ़े तीन साल के बच्चे को गंभीर रूप से घायल कर दिया। चेहरे, ...और पढ़ें

आवारा कुत्तों ने 3 साल के बच्चे को नोचा। (फाइल फोटो)
HighLights
सरायनागा गांव में साढ़े तीन साल के बच्चे पर हमला।
आवारा कुत्ते ने बच्चे के चेहरे, कान और सिर को नोचा।
स्थानीय लोगों ने आवारा कुत्तों पर कार्रवाई की मांग की।
जागरण संवाददाता, श्री मुक्तसर साहिब। पंजाब के मुक्तसर जिले के सरायनागा गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां साढ़े तीन साल के मासूम बच्चे को एक आवारा कुत्ते ने बेरहमी से नोच डाला। घटना के बाद इलाके में डर और आक्रोश का माहौल है। लोगों ने भारी मशक्कत के बाद बच्चे को कुत्ते के चंगुल से छुड़वाया और गंभीर हालत में उसे सिविल अस्पताल मुक्तसर में भर्ती करवाया गया।
बच्चे के पिता दीपक कुमार ने बताया कि वह गांव सरायनागा में एक जमींदार के यहां मजदूरी करते हैं और परिवार सहित फार्म हाउस में रहते हैं। रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे उनका बेटा आदिती खेलते-खेलते फार्म से बाहर सड़क पर चला गया। इसी दौरान एक आवारा कुत्ते ने बच्चे को अकेला देखकर उस पर हमला कर दिया।
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चीखें सुन लोग मदद के लिए दौड़े
बच्चे की चीखें सुनकर आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुत्ता काफी आक्रामक था और बच्चे को छोड़ नहीं रहा था। लोगों ने लाठियों और पत्थरों की मदद से किसी तरह बच्चे को छुड़वाया। तब तक कुत्ता उसके चेहरे पर तीन जगह, कान और सिर पर गहरे जख्म दे चुका था।
गंभीर हालत में बच्चे को तुरंत सिविल अस्पताल मुक्तसर ले जाया गया। डाक्टरों ने बताया कि बच्चे को एंटी रेबीज के तीन टीके लगाए गए हैं और जख्मों का उपचार किया गया है। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को घर भेज दिया गया, लेकिन नियमित जांच की सलाह दी गई है।
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पहले भी लोग हो चुके घायल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति रोष है। उनका कहना है कि इलाके में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है और आए दिन किसी न किसी पर हमला हो रहा है। पिछले महीने मलोट में भी तीन महिलाओं को कुत्तों ने काट लिया था।
10 फरवरी को गुरुद्वारा रोड पर एक महिला को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था, जबकि हाल ही में रेलवे स्टेशन मलोट जा रही मां-बेटी पर भी हमला हुआ था। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आवारा कुत्तों की नसबंदी और पकड़ने की मुहिम चलाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
