मिडिल ईस्ट में फंसे लोगों के लिए पंजाब सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर, मस्कट से आ सकते हैं भारत
पंजाब सरकार ने पश्चिमी एशिया में चल रहे युद्ध के कारण यूएई में फंसे पंजाबियों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी ...और पढ़ें
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मिडिल ईस्ट में फंसे लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी। फाइल फोटो
HighLights
यूएई में फंसे पंजाबियों के लिए हेल्पलाइन जारी।
ओमान के मस्कट से वापसी का विकल्प उपलब्ध।
केंद्र सरकार से लगातार बातचीत जारी है।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पश्चिमी एशिया में छिड़े युद्ध के कारण यूएई में फंसे पंजाबी लोगों के लिए पंजाब सरकार न हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। एनआरआई मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने बताया कि 0172-2260042-43 और वाट्सऐप नंबर 9478779112 पर लोग काल कर सकते हैं।
मंत्री ने बताया कि यात्रियों के परिजनों के लिए विशेष रूप से टोल फ्री नंबर 1100 जारी किया है। पंजाब भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री ने बताया कि अभी उनके पास यह जानकारी नहीं हैं कि कितने सैलानी यूएई में फंसे हुए, लेकिन उन्हें अभी तक जितनी भी कॉल आई है, वह सभी वहीं हैं जोकि घूमने के लिए गए थे।
वीजा के लिए कर सकते हैं आवेदन
मंत्री ने बताया कि युद्ध के कारण एयर स्पेस बंद है। लेकिन उन्हें जानकारी मिली थी कि ओमान से एयर स्पेस खुला है। उनकी ओमान एयरलाइंस के प्रतिनिधि से भी बात हुई है। उनका कहना है कि रोजाना 10 से 12 जहाज उड़ रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि जिनके पास अमेरिका, इंग्लैंड या कनाडा का वीजा है वह मस्कट पहुंच कर भारत आ सकते हैं। जिनके पास वीजा नहीं हैं वह इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
दो दिन के भीतर वीजा मिल जाएगा। मंत्री ने बताया कि यूएई में फंसे लोगों को लेकर उनकी केंद्र सरकार के साथ भी लगातार बातचीत चल रही है। उनकी जानकारी में आया हैं कि एयर इंडिया भी यात्रियों को वापस निकालने की तैयारी में हैं। लेकिन एयर इंडिया को भी मस्कट से ही एयर स्पेस मिलेगी।
काम करने वाले लोगों ने नहीं किया संपर्क
एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि अभी तक उनसे ईरान या यूएई में काम करने वाले किसी भी व्यक्ति ने संपर्क नहीं किया है। अभी तक जितने भी लोगों ने संपर्क किया है वह सभी सैलानी थी।
जोकि घूमने के लिए दुबई आदि जगह पर गए हुए थे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उनके पास फिलहाल यह जानकारी नहीं हैं कि पंजाब के कितने सैलानी यूएई में फंसे हुए हैं लेकिन सरकार यह आंकड़ा जुटाने की कोशिश कर रही है।
