पंजाब रोडवेज हड़ताल: दूसरे दिन भी बंद रहीं सरकारी बसें; मुक्तसर डिपो के 5 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला
पंजाब रोडवेज के कर्मचारियों की हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगी। सरकार ने 5 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है, जिसके विरोध में यूनियन ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। यूनियन की मांग है कि पहले उनकी मांगें मानी जाएं, उसके बाद ही हड़ताल खत्म होगी।
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पंजाब रोडवेज हड़ताल: दूसरे दिन भी बंद रहीं सरकारी बसें। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, श्री मुक्तसर साहिब। किलोमीटर स्कीम का विरोध कर रहे रोडवेज के कच्चे कर्मचारियों ने शनिवार को दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी और रोडवेज डिपो मुक्तसर पर धरना दिया। इस बीच कर्मचारियों की हड़ताल को सख्ती से दबाने के लिए विभाग ने हड़ताली कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर उन्हें बर्खास्त करना शुरू कर दिया है।
इसी कड़ी के तहत मुक्तसर डिपो के पांच कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है, जिनमें तीन चालक कमल कुमार, मनप्रीत सिंह व जगसीर सिंह और दो कंडक्टर तरसेम सिंह व मनजीत सिंह शामिल हैं।
शनिवार को दूसरे दिन भी हड़ताल के कारण सरकारी बसें बंद रहीं और लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। मुक्तसर रोड डिपो के मैनेजर ने बताया कि मुक्तसर डिपो में इस समय 86 बसें हैं, जिनमें से 82 बसें हड़ताल के कारण खड़ी हैं, जबकि मुक्तसर-बठिंडा और मुक्तसर-मलोट रूट पर केवल चार बसें ही स्थायी कर्मचारियों द्वारा चलाई जा रही हैं।
आज हड़ताल के दूसरे दिन बस स्टैंड खुला रहा, लेकिन हड़ताली कर्मचारियों ने बसें नहीं चलाईं, जिससे निजी बसें फंसी हुई हैं।
यूनियन के सदस्यों ने बस स्टैंड को पूरी तरह से बंद कर दिया
जानकारी के अनुसार, पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब सरकार द्वारा लाई जा रही किलोमीटर स्कीम का विरोध कर रही है।
पहले दिए गए समय के अनुसार, यूनियन ने शुक्रवार को दो घंटे की गेट रैली का आह्वान किया था। इससे पहले, सुबह-सुबह मुक्तसर यूनियन के 4 बड़े नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जिसके बाद यूनियन के सदस्यों ने मुक्तसर बस स्टैंड को पूरी तरह से बंद कर दिया और विरोध प्रदर्शन किया।
एक शहर से दूसरे शहर जाने वाले लोगों को सुबह से शाम तक काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि निजी बसें चल रही थीं, लेकिन सभी सरकारी बसें बंद होने के कारण निजी बसों में भी लोगों की भारी भीड़ थी। शुक्रवार शाम 4 बजे के बाद पुलिस को दो यूनियन नेताओं को हिरासत में लेना पड़ा, जो उन्हें लेने के लिए डिपो मुक्तसर पहुंचे थे। इस दौरान यूनियन और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी हड़ताल
शनिवार को कर्मचारियों ने पूरा दिन पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया, लेकिन इसी बीच पंजाब सरकार के निर्देश पर रोडवेज डिपो मुक्तसर के जीएम ने 5 कर्मचारियों को पत्र जारी कर ड्यूटी से बर्खास्त कर दिया।
पत्र में कहा गया है कि यूनियन के कर्मचारियों को 28 नवंबर को हड़ताल खत्म कर अपनी-अपनी ड्यूटी पर रिपोर्ट करने के लिए कहा गया था, लेकिन उनके ड्यूटी पर रिपोर्ट न करने के कारण उन्हें ड्यूटी से बर्खास्त कर दिया गया है।
पंजाब रोडवेज पनबस स्टेट ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष हरमंदर सिंह ने कहा कि हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि संगठन की मांग है कि पहले बैठक कर मांगें मानी जाएं और उसके बाद हड़ताल खत्म की जाएगी।
उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है कि कोई सरकार कर्मचारियों की मांगें मानने की बजाय उन्हें नौकरी से निकाल रही है।
हम लंबे समय से स्थायी दर्जा देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने किलोमीटर स्कीम के टेंडर आमंत्रित कर कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की योजना पहले ही बना ली थी। अब जब हम इसका विरोध कर रहे हैं, तो उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए हमारे कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है।
हम सभी यूनियन सदस्य बैठक कर रहे हैं और अगले निर्णय पर विचार कर रहे हैं। सरकार की धौंस बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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