Punjab News: पंजाब के कई जिलों में NIA की रेड, मानसा में अर्श डल्ला के गुर्गे के घर दबिश
बुधवार को पंजाब के कई जिलों में एनआईए की रेड हुई है। मोगा में बलजीत कुमार के घर सुबह एनआईए की टीम पहुंची। NIA बलजीत की बेटी के फोन पर विदेश से आए फोन के संबंध में पूछताछ करने पहुंची है। वहीं मानसा में विशाल सिंह के घर पर रेड हुई। मिली जानकारी के मुताबिक विशाल सिंह के अर्श डल्ला से संबंध है।

जागरण टीम, बठिंडा। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) ने बुधवार को पंजाब के छह जिलों बठिंडा, मानसा, फिरोजपुर, मुक्तसर, संगरूर व मोगा में कई स्थानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी प्रतिबंधित संगठन ‘खालिस्तान टैररिस्ट फोर्स’ (केटीएफ) के कनाडा स्थित गैंगस्टर-आतंकी अर्श डल्ला सहित पंजाब में गुर्गों के खिलाफ दर्ज गैंगस्टर-आतंकवादी गठजोड़ मामले में की गई है।
एनआइए की टीमों ने अर्श डल्ला, केटीएफ व गिरफ्तार आरोपित बलजीत मौड़ से जुड़े लोगों के परिसरों की व्यापक तलाशी ली।
एनआइए की टीमों ने मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस तथा दस्तावेजों सहित कई आपत्तिजनक सामग्री जब्त की। बठिंडा में एनआइए ने कोठे अमरपुरा में अर्श डल्ला गिरोह से जुड़े गैंगस्टर संदीप सिंह ढिल्लों उर्फ भल्ला सेखू के घर छापा मारा लेकिन घर पर कोई नहीं मिला।
पूर्व पार्षद बेअंत सिंह के घर छापेमारी
एनआइए जंडावाला गांव में संदीप के संबंधी बूटा सिंह के घर भी पहुंची पर वहां ताला लगा मिला। एनआइए की एक अन्य टीम ने बठिंडा शहर में शिरोमणि अकाली दल के पूर्व पार्षद बेअंत सिंह के घर भी छापेमारी की।
गैंगस्टर संदीप सिंह अकाली दल के पार्षद बेअंत सिंह का रिश्तेदार है। संदीप ने गैंगस्टर कुलवीर सिंह नरूआना को गोली मारी थी जिसकी उसने फेसबुक पर पोस्ट डालकर जिम्मेदारी ली थी।
इसके बाद उत्तराखंड व पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम ने 19 जुलाई को संदीप को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया था। गैंगस्टर संदीप नाभा जेल में बंद है। एनआइए मानसा के भागी वेहड़ा में गैंगस्टर अर्श डल्ला के गैंग से संबंधित विशाल सिंह के घर पांच घंटे गहन तलाशी ली।
टीम विशाल सिंह के पिता गुरजंट सिंह का मोबाइल फोन अपने साथ ले गई और रसीद दे गई। विशाल सिंह सात महीनों से पटियाला जेल में बंद है। उस पर हत्या की कोशिश व असला एक्ट में केस दर्ज हैं।
ग्रेनेड हमले के मामले में भी हुई छापेमारी
इसी प्रकार मानसा में पेट्रोल पंप पर ग्रेनेड हमले के मामले में एनआइए ने मौड़ मंडी में दरबारा सिंह के घर पर छापा मारा। दरबारा सिंह का नाती सुखविंदर सिंह इस समय जेल में है। मोगा में एजेंसी की टीम रेगर बस्ती में एक सफाई सेवक बलजीत कुमार के घर पहुंची।
घर में बलजीत की बेटी की शादी की तैयारियां चल रही हैं। दस-पंद्रह दिन पहले उसकी बेटी के फोन पर विदेश से फोन आया था। उसका बेटा भी विदेश से दो दिन पहले ही लौटा है और उसने आने से पहले विदेश से पैसे भी भेजे थे। एनआइए अधिकारी इस संबंध में पूछताछ के लिए आए थे।
सफाई सेवक बलजीत एक ठेकेदार के पास काम करता है। एनआइए मौड़ मंडी राम सिंह के घर भी गई पर वहां ताला लगा मिला। फिरोजपुर में एनआइए की चार सदस्यीय टीम ने सेंट्रल जेल में बंद तीन गैंगस्टरों से साढ़े चार घंटे गहन पूछताछ की।
सेंट्रल जेल फिरोजपुर पिछले लंबे समय से चर्चाओं में है। एक वर्ष पहले जेल में बंद दो गैंगस्टरों की बाहर के युवकों से मोबाइल फोन पर बात करते हुए आडियो वायरल हुई थी।
मुक्तसर में एनआइए की टीम ने की रेड
जेल में बड़ी संख्या में मोबाइल फोन पकड़े जा रहे हैं। मुक्तसर में अमनदीप नामक व्यक्ति के घर पर एनआइए टीम ने रेड की। अमनदीप नाभा जेल में बंद है और उसपर एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज है। पांच घंटे चली रेड में टीम ने कुछ संदिग्ध सामान भी बरामद किया है। अमनदीप के बड़े नशा तस्करों से संबंध भी खंगाले जा रहे हैं।
विदेश से भारत में आतंकी कैडर भर्ती करने के चल रहे प्रयास बुधवार को छापे आरसी 02/2024/एनआइए/डीएलआइ मामले में चल रही जांच का हिस्सा हैं। गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनआइए ने इस वर्ष के आरंभ में मामला दर्ज किया था।
एनआइए उन आतंकी संगठनों की जांच कर रही है जो आपराधिक व आतंकी कृत्यों के लिए भारत में सहयोगियों की भर्ती करने, बड़े पैमाने पर जबरन वसूली से धन जुटाने, भारत में आतंकवादी हार्डवेयर की तस्करी करने तथा ‘डेड ड्राप माडल’ से अवैध हथियारों व गोला-बारूद की आवाजाही सुविधाजनक बनाने की आपराधिक साजिशों में संलिप्त हैं।
एनआइए ने की सैनिक के घर दबिश
अब तक की जांच में विदेश-आधारित मुख्य आरोपितों व आतंकवादी संगठनों के संचालकों के भारत भूमि पर आतंकी कृत्य करने के लिए भारत में कैडर भर्ती करने के प्रयासों का पता चला है।
सैनिक की पत्नी ने मायके में फोन किसी और को दिया, एनआइए पहुंची जिला संगरूर के गांव माझी में एनआइए ने एक सैनिक के घर दबिश दी। सुबह साढ़े छह बजे टीम ने ढाई घंटे तलाशी ली और पारिवारिक सदस्यों से पूछताछ की।
उनके मोबाइल फोन की भी जांच की गई। सैनिक के भाई ने बताया कि उसका सैनिक भाई दिल्ली में तैनात है। उसके नाम पर एक मोबाइल सिम कार्ड उसकी पत्नी के पास है।
जब वह अपने मायके गई थी तो वहां से किसी ने उसके फोन से किसी व्यक्ति से बात की थी जिसके आधार पर दबिश दी गई है। परिवार ने टीम को बताया कि उनका उक्त व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है।
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