Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Punjab News: नहीं चाहिए थी बच्ची तो गोबर में दबाया, कोर्ट ने माता- पिता को सुनाई उम्रकैद की सजा

    Updated: Wed, 03 Apr 2024 09:08 PM (IST)

    28 सितंबर 2020 को फतेहगढ़ कोरोटाना में एक नवजात को गोबर में दबाने का मामला सामने आया। इस मामले में पुलिस ने माता पिता के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया था। वहीं इस मामले पर स्थानीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश विक्रांत कुमार की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद दंपत्ति को उम्रकैद (life imprisonment) की सजा सुनाई है।

    Hero Image
    कोर्ट ने माता- पिता को सुनाई उम्रकैद की सजा (सांकेतिक)।

    संवाद सहयोगी, मोगा। स्थानीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश विक्रांत कुमार की अदालत ने नवजात को गोबर में दबाने से उसकी मौत के मामले में माता पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 28 सितंबर 2020 की सुबह फतेहगढ़ कोरोटाना के सरपंच दिलबाग सिंह को गांव के जगतार सिंह ने सूचना दी कि निर्मल सिंह के घर के पास पड़े खाली प्लाट में लगी रूड़ी में एक व्यक्ति नवजात बच्ची को आधा दबा गया है। जिस पर पुलिस को सरपंच ने 112 पर घटना की जानकारी दी।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    गोबर में दफनाकर आरोपित हो गए फरार

    इस मामले की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गणमान्य की उपस्थिति में बच्ची को रूड़ी से निकाल इलाज के लिए सिविल अस्पताल मोगा भेज दिया। वहीं, अज्ञात के खिलाफ धारा 307 तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच दौरान पुलिस ने गुरदेव सिंह पुत्र नछतर सिंह तथा हरदीप कौर पत्नी गुरदेव सिंह को नामजद कर लिया। लेकिन दोनों आरोपित फरार हो गए।

    इलाज के दौरान बच्ची की हो गई थी मौत

    वहीं, नवजात बच्ची की जिम्मेदारी बाल सुरक्षा विभाग को सौंपीं गई। लेकिन 6 अक्टूबर को बच्ची की मौत हो जाने के चलते इस मामले में धारा 302 लगा दी गई। 16 नवम्बर को मुख्य आरोपित गुरदेव सिंह तथा उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया था कि दंपत्ति बच्ची नहीं चाहता था और रात के समय गुरदेव सिंह ने उसे जल्दबाजी में रूडी यानी गोबर के ढेर में छिपाकर दिया था।

    ये भी पढ़ें: Lok Sabha Election 2024: अमृतसर सीट पर कांग्रेस-बीजेपी का महासंग्राम, साल 1952 से अब तक के आंकड़े बेहद रोचक

    पति पत्नी को सुनाई उम्रकैद की सजा

    बच्ची के गोबर में से नंगे पड़े अंगों को देखकर वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति ने इस संबंधी जानकारी गांव के सरपंच को दी थी। पुलिस ने जांच दौरान हरदीप कौर के गर्भवती होने को लेकर उस द्वारा करवाए इलाज के साक्ष्यों समेत बच्ची व हरदीप कौर का डीएनए टेस्ट करवा उसकी रिपोर्ट तक दर्ज की। बुधवार को अदालत ने साक्ष्यों व अभियोजन पक्ष की दलीलों से सहमत होते हुए गुरदेव सिंह व उसकी पत्नी को उम्रकैद की सजा का फैसला सुनाया है।

    ये भी पढ़ें: Singer Sahil Shah: पंजाबी सिंगर साहिल शाह ने म्यूजिक कंपनी पर लगाए आरोप, गाना न गाने पर चलवाई थी उसके घर में गोलियां