संवाद सहयोगी, मोगा

स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 125वे जन्मदिवस पर रविवार को ब्राह्मण सभा के सदस्यों ने उन्हें श्रद्धासुमन भेंट कर उन्हें नमन किया। सभा के जिलाध्यक्ष एडवोकेट प्रदीप भारती ने कहा कि देश की आजादी के बाद भारत सरकार ने उन्हें वह सम्मान नहीं दिया जिसके वह हकदार थे। उन्होंने अंग्रेजों की गुलामी स्वीकार करने के बजाय आइसीएस की नौकरी छोड़, देश सेवा का प्रण लिया था।

नेताजी स्वामी विवेकानंद तथा अरविद घोष को अपना आदर्श मानते थे। नेताजी ने दूसरे विश्व युद्ध में अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ने के लिए जापान के सहयोग से आजाद हिद फौज का गठन किया। उनके द्वारा दिया नाराजय हिद देश का राष्ट्रीय नारा बन गया। तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा उनका यह नारा भी उस समय खूब प्रचलित हुआ। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इंडिया गेट पर नेताजी की 24 फुट ऊंची ग्रेनाइट की प्रतिमा लगाने का निर्णय लिया, वह सराहनीय कदम है। सभा के महासचिव विजय शर्मा, जसप्रीत शर्मा व राजेश भारद्वाज ने भी नेताजी के जीवन पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज को नेताजी पर सदैव गर्व रहेगा। इस अवसर पर आत्मा राम शर्मा, प्रवीण शर्मा, डिम्पी शर्मा, सुरिदर शर्मा, राकेश शर्मा, विजय मिश्रा, महेन्द्र गोस्वामी,राजू पंडित आदि उपस्थित थे।

Edited By: Jagran