प्रदेश महासचिव के सामने भाजपा की अंदरूनी कलह खुलकर आई सामने
शहर विधानसभा सीट से अपनी जमानत बचाने में विफल रही भाजपा की चुनाव के बाद पहली मीटिंग हुई।

जागरण संवाददाता.मोगा
शहर विधानसभा सीट से अपनी जमानत बचाने में विफल रही भाजपा की चुनाव के बाद हुई पहली बैठक में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई। जिला नेतृत्व के खिलाफ शहर मंडल अध्यक्षों ने ही नहीं बल्कि पार्टी के कुछ पदाधिकारियों ने पहले तो कोर कमेटी की बैठक में अपनी नाराजगी जाहिर करने का प्रयास किया, बाद में उन्हें कोर कमेटी की बैठक में नहीं जाने दिया तो पार्टी के प्रदेश महासचिव जीवन गुप्ता के सामने खुलकर आरोप लगाए। यहां तक कहा गया कि पार्टी के जिलाध्यक्ष विनय शर्मा अपने पांच साथियों के साथ पूरी भाजपा को जेब में लेकर घूमते हैं न तो वे पार्टी को एक्टिव करने के लिए कोई योजना तैयार करते हैं, जो लोग करना चाहते हैं, उन्हें करने नहीं दिया जाता है।
शहर मंडल अध्यक्ष व नगर निगम चुनाव में एक मात्र सीट पर अपनी पत्नी को चुनाव जिताने वाले शहर भाजपा मंडल अध्यक्ष विक्की सितारा ने तो अपने फेसबुक पेज पर भी अपनी नाराजगी का खुलेआम इजहार कर डाला। प्रदेश महासचिव ने जब उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया तो उन्होंने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस भी बुला ली थी, बाद में प्रदेश हाईकमान ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। हालांकि भाजपा नेताओं की नाराजगी को देखते हुए जीवन गुप्ता ने भी टिप्पणी की कि उनके पास सबकी जन्मकुंडली है, कौन क्या कर रहा है, उनकी टिप्पणी से साफ है कि जिला भाजपा में सब कुछ ठीक नहीं है। यही वजह थी कि प्रदेश महासचिव ने अपनी नाराजगी जताने पहुंचे नेताओं को एक-एक उनसे अलग से मिलने को कहा, लेकिन नाराज भाजपा नेता अलग-अलग मिलने को तैयार नहीं थे।
पार्टी प्रत्याशी डा.हरजोत कमल की करारी हार के बाद से ही कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी फूट रही थी, सोमवार को जब कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश महासचिव जीवन गुप्ता पहुंचे तो जिला नेतृत्व से नाराज चल रहे कार्यकर्ताओं शहर मंडल अध्यक्ष विक्की सितारा, वरुण भल्ला, भाजपा स्थानीय निकाय मोर्चा के जिला संयोजक राकेश सोनी मंगला के गुस्से का गुबार फूट पड़ा। उन्होंने खुलकर आरोप लगाए कि जिलाध्यक्ष पार्टी के उन कार्यकर्ताओं को महत्व दे रहे हैं जिन्होंने पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ काम किया। चुनावी फंड में भी गड़बड़ी से आरोप लगे।
कुछ पदाधिकारी खुलकर नाराजगी जताते दिखे तो कुछ सीधे तो नहीं बोले लेकिन दबी जुबान से उन्होंने भी सवाल खड़े किए कि पार्टी का स्थापना दिवस सात अप्रैल को है, लेकिन किसी भी कार्यकर्ता को स्थापना दिवस पर कोई कार्यक्रम करने की सूचना तक नहीं है, जबकि प्रदेश नेतृत्व जिले को एक सप्ताह पहले कार्यक्रम कराने की सूचना भेज चुका है। इस तरह की लापरवाही पार्टी को निष्क्रिय बना रही है।
इस संबंध में जिलाध्यक्ष विनय शर्मा का कहना था कि पार्टी में एक दूसरे के प्रति मतभेद तो रहते ही हैं। जब कोई प्रत्याशी हार जाता है तो मतभेद ज्यादा हो जाते हैं। लेकिन पार्टी की निष्क्रियता का आरोप सही नहीं है। स्थापना दिवस पर उन्होंने सिर्फ कार्यकर्ताओं को घरों पर झंडे लगाने को कहा है, साथ ही अपने अपने घरों में पीएम मोदी के कार्यक्रम को देखने को कहा गया है।
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