परविंदर झोटा के परिवार को सुरक्षा और PGI में पोस्टमार्टम पर बनी सहमति, 12 नवंबर से बिना पर्ची नहीं मिलेगा प्रेगाबलीन
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड मामले में एसआईटी और एक्शन कमेटी की तीसरी बैठक में परिवार को सुरक्षा देने और पीजीआई में पोस्टमार्टम कराने पर सहमति बन गई है।

तीसरे दौर की बैठक में बनी सहमति की जानकारी देते हुए SIT के अधिकारी।
HighLights
परिवार को सुरक्षा और PGI में पोस्टमार्टम पर बनी सहमति।
परविंदर झोटा के नाम पर बनेगा ट्रामा सेंटर, CBI जांच जारी।
12 नवंबर से प्रेगाबलीन बिना डॉक्टर की पर्ची नहीं मिलेगा।
जागरण संवाददाता, मानसा। परविंदर सिंह झोटा हत्या मामले में SIT और एक्शन कमेटी के बीच तीसरे दौर की बैठक आज संपन्न हुई। जिसके बाद अधिकतर बातों को लेकर सहमति बन चुकी है। एक्शन कमेटी और SIT की तीन आईएएस अधिकारियों अपनीत रियात, नवजोत कौर और कंवलप्रीत कौर के साथ स्थानीय जिला परिषद हाल में करीब एक घंटे तक बैठक चली।
मीटिंग में कुछ बातों पर सिट और एक्शन कमेटी में सहमति होती दिख रही है। मीटिंग में डीआईजी बठिंडा हरजीत सिंह, एसएसपी वैभव चौधरी भी मौजूद थे। मीटिंग के दौरान SIT की ओर से एक्शन कमेटी द्वारा रखे गए 14 प्वाइंट पर सरकार की ओर से की गई कार्रवाई की प्रगति की लिखित रिपोर्ट एक्शन कमेटी को सौंपी गई।
जिस पर मंथन करने के बाद एक्शन कमेटी SIT के साथ फिर से मीटिंग करेंगी। एक्शन कमेटी सदस्य मानिक गोयल ने बताया कि सिट की ओर से एक्शन कमेटी को दी गई लिखित जानकारी पर कमेटी और परिवार विचार करने के बाद आगे मीटिंग करने का फैसला लेगा। मीटिंग में परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह,उनकी पत्नी मनप्रीत कौर के अलावा कमेटी सदस्य मौजूद थे।
यह भी पढ़ें- परविंदर झोटा का पोस्टमार्टम करवाने पर नहीं हुआ फैसला, मानसा में SIT-एक्शन कमेटी की हुई बैठक; कुछ मांगों पर बनी सहमति
कई मांगों पर सरकार सहमत
सिट सदस्य अपनीत रियात ने बताया कि परविंदर सिंह झोटा के परिवार व एक्शन कमेटी की ओर से रखी गई मांगों को लेकर तीसरी मीटिंग में काफी मांगों को पंजाब सरकार ने मान लिया है। उन्होंने बताया कि परिवार की मांग के अनुसार केस की सीबीआई जांच शुरू हो चुकी है। परविंदर का पोस्टमार्टम पीजीआई के सीनियर डाक्टरों से करने की सहमति दे दी गई।
जिले में नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी मुहिम तहत तीन लाइसेंस कैंसिल, एक लाइसेंस सस्पेंड करने के अलावा चार मेडिकल स्टोर को सील किया गया। जिले के सरकारी खेल स्टेडियम में परविंदर झोटा का यादगारी बुत स्थापित किया जाएगा।
पंजाब सरकार की ओर से थाना इंचार्ज, डीएसपी और ड्रग इंस्पेक्टर के जारी सस्पेंड लेटर जलद कमेटी को सौंपे जाएगे। जिले में प्रपोजल ट्रामा सेंटर का नाम परविंदर सिंह झोटा के नाम पर रखा जाएगा। केस के जल्द निपटारे फास्ट ट्रैक कोर्ट से कराने लिए सीबीआई को सिफारिश की जाएगी ताकि केस का जल्द निपटारा हो सके।
यह भी पढ़ें- 'पहले लोग चुनते थे सरकार, अब ये तय कर रहे कि कौन वोट डालेगा', SIR मुद्दे पर मुख्यमंत्री मान ने केंद्र को घेरा
प्रदर्शन के दौरान दर्ज मामलों को रद कर रही पुलिस
परविंदर झोटा के साथ जख्मी लोगों का सरकारी खर्च पर इलाज और पांच पांच लाख रुपये मुआवजे के जल्द चेक सौंप दिए जाएगे। प्रेगाबलिन कैप्सूल की सेल को कंट्रोल करने की पंजाब सरकार ने पैरवी करते भारत सरकार के ड्रग रुल 1945 के शैडयूल एच-1 में शामिल कर लिया गया है और यह कैप्सूल 12 नबंवर से डाक्टर की पर्ची के बिना नही बेचा जाएगा।
अंदोलन के दौरान फलेक्स फाड़ने को लेकर दर्ज किए मामले रद्द करने को लेकर पुलिस कार्रवाई कर रही है। पंजाब सरकार की ओर से अपनी जिम्मेदारी समझते परिवार को सुरक्षा मुहैया करवाने को लिखित रिपोर्ट एक्शन कमेटी को सौंप दी गई है। परविंदर झोटा को सरकार की ओर से शहीद का दर्जा देने को लेकर पूछे जाने पर रियात ने कहा कि कमेटी को अपनी मांग लिखित रूप में देने के लिए कहा गया है। जिस पर सरकार विचार करेंगी।
