पंजाब में ड्रग्स नेटवर्क पर शिकंजा! 6 IPS अधिकारियों को मिले विशेषाधिकार, तस्करों को दिखाएंगे जेल का रास्ता
पंजाब सरकार ने नशा तस्करी रोकने के लिए छह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विशेष शक्तियां दी हैं। गृह विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।

ये प्रतीकात्मक तस्वीर है।
HighLights
पंजाब सरकार ने नशा तस्करी के खिलाफ विशेष शक्तियां दीं।
छह वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को किया गया अधिकृत।
पुलिस कमिश्नर और रेंज प्रभारी भी दायरे में शामिल।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विशेष शक्तियां प्रदान की हैं। गृह विभाग की ओर से 21 अक्टूबर को जारी अधिसूचना के तहत पुलिस कमिश्नरों और पुलिस रेंज के प्रभारियों को उनके अधिकार क्षेत्र में विशेष रूप से अधिकृत किया गया है।
इसके साथ ही छह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को उन पुलिस कमिश्नरेट, रेंज और मुख्यालय इकाइयों के लिए अधिकृत किया गया है, जहां आइजीपी रैंक का अधिकारी उपलब्ध नहीं है। इन अधिकारियों का क्षेत्राधिकार डीजीपी पंजाब प्रशासनिक स्तर पर तय करेंगे।
सरकार का यह आदेश अवैध नशीले पदार्थों और मन:प्रभावी पदार्थों की तस्करी की रोकथाम अधिनियम, 1988 की धारा 3 की उपधारा (1) के तहत जारी किया गया है। अधिसूचना में राज्यपाल की ओर से संबंधित अधिकारियों को इस धारा के उद्देश्य से विशेष रूप से अधिकृत करने की मंजूरी दी गई है।
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छह वरिष्ठ अधिकारियों को किया अधिकृत
पंजाब सरकार की अधिसूचना में छह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल हैं-
- डीजीपी ट्रैफिक एएस राय
- एडीजीपी गौतम चीमा
- एडीजीपी इंटरनल सिक्योरिटी शिव वर्मा
- एडीजीपी सिक्योरिटी कौस्तुभ शर्मा
- एडीजीपी इंटरनल विजिलेंस सेल नौनिहाल सिंह
- आइजीपी प्रोविजनिंग एस. भूपति
इन अधिकारियों को उन पुलिस कमिश्नरेट, पुलिस रेंज और मुख्यालय इकाइयों के लिए विशेष रूप से अधिकृत किया गया है, जहां आइजीपी रैंक का अधिकारी तैनात नहीं है। संबंधित अधिकारियों का क्षेत्राधिकार डीजीपी पंजाब प्रशासनिक स्तर पर निर्धारित करेंगे। इससे अलग-अलग पुलिस इकाइयों में कानून के तहत अधिकृत अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने का प्रावधान किया गया है।
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कमिश्नर और रेंज प्रभारी भी दायरे में
अधिसूचना के अनुसार, आइजीपी रैंक या उससे ऊपर के पुलिस कमिश्नर अपने संबंधित कमिश्नरेट के अधिकार क्षेत्र में विशेष शक्तियों का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसी तरह, पुलिस रेंज का प्रभार संभाल रहे आइजीपी या उससे ऊपर के अधिकारी भी अपने क्षेत्र में अधिकृत होंगे।
यह अधिसूचना अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी की रोकथाम से जुड़े कानून के तहत जारी की गई है। हालांकि, इसमें किसी विशेष नशा विरोधी अभियान, गिरफ्तारियों के लक्ष्य या कार्रवाई की समयसीमा का उल्लेख नहीं किया गया है। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि विशेष रूप से अधिकृत अधिकारियों को किन मामलों में और किस प्रक्रिया के तहत कार्रवाई करनी होगी।
पंजाब में नशे का मुद्दा लंबे समय से कानून-व्यवस्था और जनस्वास्थ्य से जुड़ी बड़ी चुनौती बना हुआ है। नशा तस्करी के नेटवर्क पर कार्रवाई के साथ सप्लाई चेन को तोड़ना और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत प्रभावी कार्रवाई करना पुलिस के लिए अहम चुनौती है। गौरतलब है कि मानसा में 13 अक्टूबर को परविंदर सिंह झोटा की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद नशा तस्करी के मुद्दे पर राज्य में चर्चा तेज हुई।
