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    मानसा: जिले के नौ छात्रों ने पहले टाप-15 में बनाई जगह

    By JagranEdited By:
    Updated: Wed, 06 Jul 2022 01:42 AM (IST)

    पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) द्वारा घोषित दसवीं के नतीजों में एक बार फिर जिला मानसा के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया।

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    मानसा: जिले के नौ छात्रों ने पहले टाप-15 में बनाई जगह

    संसू, मानसा: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) द्वारा घोषित दसवीं के नतीजों में एक बार फिर जिला मानसा के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया। जारी की गई मेरिट लिस्ट में पहले 15 रैंक वाले विद्यार्थियों में जिले के नौ छात्रों ने अपना नाम दर्ज करवाया है।

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    इनमें बाबा फरीद अकादमी पब्लिक स्कूल उभा के गुरदीप सिंह ने 98 प्रतिशत अंक हासिल कर सातवां रैंक, सरकारी माडल स्कूल दातेवास की छात्रा खुशी रानी ने 97.85 प्रतिशत अंक हासिल कर आठवां रैंक, दशमेश कान्वेंट स्कूल सरदूलगढ़ के हैप्पी, सरकारी स्कूल खैरा खुर्द के अभिषेक, सरकारी ग‌र्ल्ज स्कलू बुढलाडा की सिमरन ने 97.38 प्रतिशत अंक हासिल कर मेरिट लिस्ट में 11वां रैंक, दशमेश कान्वेंट स्कूल सरदूलगढ़ की छात्रा रमनदीप कौर, तारा चंद विद्या मंदिर भीखी की जशनदीप कौर ने 12वां रैंक, माता यशोदा सर्वहितकारी विद्या मंदिर जोगा की गगनदीप कौर ने 97.08 प्रतिशत अंक लेकर 13वां रैंक और गुरु हरगोबिद पब्लिक स्कूल जौडकियां की महक रानी ने 96.92 प्रतिशत अंक हासिल कर राज्य में 14वां रैंक हासिल किया।

    बठिंडा का रिजल्ट

    नाम: लविश गर्ग

    कुल अंक : 650/632

    जिले में रैंक : 1

    स्टेट रैंक- 12

    स्कूल का नाम: आर्य माडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, आर्य समाज चौंक, बठिडा

    पिता का नाम: राजिदर कुमार (अध्यापक)

    माता का नाम: मोनिका गुप्ता (अध्यापक) कड़ी मेहनत से पूरा करूंगा इंजीनियर बनने का सपना: लविश

    - मेरिट में स्थान हासिल करने के लिए मेरे मम्मी-पापा ने मेरा पूरा सहयोग दिया। मेरे मम्मी-पापा स्कूल से आकर थकावट के बावजूद मेरी पूरी मदद करते। वहीं मेरे स्कूल अध्यापकों ने भी पढ़ाई में पूरी मदद की। आज मैं उनकी वजह से ही मेरिट में स्थान हासिल कर पाया हूं। मैंने पहले ही नान मेडिकल में दाखिला ले लिया है। मेरा सपना इंजीनियर बनना है, जिसे में हर हाल में पूरा करूंगा।

    सफलता का मूलमंत्रा : इस दिन के लिए दिन-रात मेहनत की है। रोजाना सात से आठ घंटे तक पढ़ाई करता रहा। कंपीटिशन के इस दौर में पूरी लग्न से पढ़ाई करनी चाहिए। नाम: ओपिदर पाल

    कुल अंक- 650/631

    जिले में रैंक: दूसरा

    स्टेट रैंक- 13

    स्कूल का नाम- दशमेश पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल गोनियाना मंडी।

    पिता का नाम- अमृतपाल सिंह (फार्मर)

    माता का नाम- वीरपाल कौर (गृहणि) साफ्टवेयर इंजीनियर बन हासिल करूंगी अपनी मंजिल: ओपिंदर

    - मुझे पता था कि मैं अच्छे अंक लाउंगी, लेकिन यह नहीं पता था कि मेरिट में मेरा स्थान आएगा। मैंने मेरी पढ़ाई में कभी भी लापरवाही नहीं की। मेरे पूरे परिवार ने इसमें सहयोग दिया है, जबकि अध्यापकों द्वारा भी समय-समय पर मेरी मदद की गई है। मैंने जितनी भी पढ़ाई की, पूरी लग्न से और समझ से की। जहां दिक्कत होती, उसे पहले समझती फिर आगे बढ़ती। मैं साफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती हूं।

    सफलता का मूलमंत्रा- पढ़ाई के समय पर मोबाइल का प्रयोग नहीं किया। इसके साथ ही माता-पिता और स्कूल अध्यापकों के सहयोग से पढ़ाई में हर मुश्किल को दूर किया। लक्ष्य साधकर ही मेहनत करनी चाहिए। ट्रक चालक की बेटी ने मेरिट लिस्ट में स्थान हासिल कर चमकाया शहर का नाम

    नाम- लवलीन शर्मा

    अंक- 650/631

    जिले में रैंक- दूसरा

    स्टेट रैंक- 13

    स्कूल का नाम- सरकारी ग‌र्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल रामपुरा फूल

    पिता का नाम- हरजिद्र कुमार (ट्रक चालक)

    माता का नाम- अनीता रानी (गृहणि) आएएएस बन देश की सेवा करना चाहती हूं: लवलीन

    - इस दिन के लिए मैंने बहुत मेहनत की है। मैं आइएएस बनकर प्रशासनिक सेवाओं का हिस्सा बनना चाहती है। मैं देश की सेवा करना चाहती हूं। मेरा बचपन का सपना ही आइएएस बनना है। वहीं मेरिट में आने के बाद मैं अपना श्रेय अपने स्कूल के अध्यापकों को देना चाहती हूं, जिन्होंने समय-समय पर मेरा मार्गदर्शन किया। मेरे माता-पिता ने भी पढ़ाई में मेरा पूरा सहयोग दिया। उनके कारण ही मैं यह मुकाम हासिल कर पाई है।

    सफलता का मूलमंत्रा- रोजाना दस घंटे तक पढ़ाई करती थी।। मोबाइल का इस्तेमाल सिर्फ आनलाइन पढ़ाई के लिए करती थी। पढ़ाई से जुड़ी किसी भी मुश्किल के समाधान के लिए अध्यापकों का सहयोगी लेती थी।