परविंदर झोटा की हत्या के बाद पंजाब में हड़कंप, अमृतपाल की पार्टी के कई कार्यकर्ता हिरासत में; तरसेम सिंह ने लगाए आरोप
मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद गुस्साए लोगों ने आरोपी की दुकान में आग लगा दी और उसके घर पर बुलडोजर चलाया।

HighLights
मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या
आरोपी की दुकान में आग, घर पर बुलडोजर कार्रवाई
अमृतपाल के पिता ने पुलिस पर हिरासत का आरोप लगाया
डिजिटल डेस्क, मानसा। पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के बाद सूबे में हड़कंप मच गया है। बुधवार को गुस्साए लोगों ने आरोपी की दुकान में आग लगा दी। वहीं, आरोपी केमिस्ट के घर पर बुलडोजर से कार्रवाई की गई है।
उधर, खडूर साहिब सीट से सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस मामले में मानसा जाने की योजना बना रहे कई लोगों को पुलिस हिरासत में ले रही है।
समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए तरसेम सिंह ने परमिंदर सिंह झोटा की हत्या पर दुख जताया और पंजाब सरकार पर नशीली दवाओं की तस्करी रोकने में नाकाम रहने और नशीली दवाओं के खिलाफ आवाज उठाने वालों को दबाने का आरोप लगाया।
बुराई के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर हो रहा एक्शन
तरसेम सिंह ने आरोप लगाया कि नशीली दवाओं के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को सुरक्षा देने के बजाय उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। अमृतपाल सिंह के नशा-विरोधी अभियान का जिक्र करते हुए, उन्होंने दावा किया कि इस बुराई के खिलाफ आवाज उठाने वाले कई लोगों को पुलिस कार्रवाई और जेल का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि परमिंदर ने बार-बार नशीली दवाओं के खिलाफ बात की थी और दावा किया कि पहले भी उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे।
सिंह ने उनकी हत्या को घोर अन्याय बताया और आरोप लगाया कि सरकार नशीली दवाओं के दुरुपयोग और तस्करी के खिलाफ लड़ने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम रही है।
तरसेम सिंह ने पुलिस से हत्या की गहन जांच करने और अपराध के पीछे के लोगों की पहचान करने का भी आग्रह किया। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मानसा में नियोजित विरोध प्रदर्शन से पहले पुलिस ने पार्टी के कई नेताओं को हिरासत में लिया था। सिंह ने पंजाब के लोगों से नशीली दवाओं के खिलाफ एकजुट होने और पीड़ित परिवार का समर्थन करने की अपील की।
ड्रग्स कारोबार में शामिल लोगों को बचाया जा रहा
अमृतपाल सिंह की मां बलविंदर कौर ने भी सरकार के नशा-विरोधी अभियान पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि नशीली दवाओं के खिलाफ बोलने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। एएनआई से बात करते हुए, उन्होंने आरोप लगाया कि ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई, जबकि ड्रग्स के कारोबार में शामिल लोगों को बचाया और इनाम दिया जा रहा था।
उन्होंने ड्रग्स के खिलाफ अभियान को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाया और पूछा कि अगर सरकार सच में इस समस्या को खत्म करने को लेकर गंभीर है, तो ड्रग्स के खिलाफ लड़ने वाले लोगों को निशाना क्यों बनाया जा रहा है।
