संवाद सूत्र, मानसा। मानसा से पूर्व विधायक नाजर सिंह मानशाहिया द्वारा दायर किए गए मानहानि केस में मुख्यमंत्री भगवंत मान मानसा कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट द्वारा उन्हें पांच दिसंबर को फिर से पेश होने के आदेश दिए गए हैं।

बता दें, वर्ष 2019 में तत्कालीन मानसा विधायक नाजर सिंह मानशाहिया द्वारा भगवंत मान के विरुद्ध तब मानहानि का केस दर्ज करवाया था जब वह आम आदमी पार्टी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। संगरूर से सांसद रहते हुए भगवंत मान द्वारा नाजर सिंह मानशाहिया पर आरोप लगाया गया था कि वह 10 करोड़ रुपये व पंजाब प्रदूषण बोर्ड की चेयरमैनी लेकर कांग्रेस में शामिल हुए हैं।

नाजर सिंह मानशाहिया के वकील एडवोकेट गुरपियार सिंह ने कहा कि मानहानि मामले में कोर्ट द्वारा मुख्यमंत्री को कई बार संमन भेजे गए, लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे। कोर्ट द्वारा उन्हें एसएसपी के जरिए समन जारी होने के बाद वह कोर्ट में पेश हुए।

यहां कोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपये का जमानत बांड भरा कर जमानत दे दी व उन्हें पांच दिसंबर को फिर से कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, दूसरी ओर मुख्यमंत्री की आमद को लेकर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए जगह जगह पर पुलिस तैनात की गई व नगर कौंसिल द्वारा शहर में साफ सफाई करवा कर खंबों पर लगे पोस्टर बैनर उतारे गए।

मीडिया में अपनी बात कह कर रवाना हुए भगवंत मान

पेशी के बाद जिला प्रबंधकीय कंप्लेक्स के कांफ्रेस रूम में सीएम भगवंत मान ने कहा कि मानहानि सिर्फ नेताओं की ही होती है, जबकि देश की राजनीतिक पार्टियों द्वारा बीते 70 साल के शासनकाल में करोड़ों आम लोगों की मानहानि की है। वह कोर्ट व कानून का सत्कार करते हैं। जब भी कोर्ट उन्हें बुलाएगी वह आएंगे, लेकिन मानहानि का केस करने वाले लोगों को यह भी समझना चाहिए कि जिन लाखों लोगों ने उन्हें वोट देकर चुना है, आप उनके साथ धोखा कर अन्य पार्टी में जा रहे हैं, जिनके नेता को लोगों ने नकार दिया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मानहानि का नहीं, बल्कि भगवंत मान हानि का दुख है। क्योंकि लोगों ने उन पर विश्वास जताया है, उन्हें इस बात का दुख है। उन्होंने कहा कि लोगों को बिजली, पानी व अन्य सुविधाएं मिलनी चाहिए, इस तरह के केस चलते रहते हैं। 

Edited By: Kamlesh Bhatt

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