परविंदर झोटा हत्याकांड पर सियासत तेज, पीड़ित परिवार से मिले राजा वडिंग, शहीद का दर्जा देने की उठी मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने घटना के लिए सरकार की नाकामी को ...और पढ़ें

पीड़ित परिवार से मिलते हुए अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।
HighLights
राजा वड़िंग ने परविंदर झोटा के परिवार से मुलाकात की।
नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले झोटा को शहीद का दर्जा मांगा।
पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सरकार की नाकामी उजागर की।
राज्य ब्यूरो, मानसा। पंजाब कांग्रेस के नेता और लुधियाना के सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आज मानसा में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए गए परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात की और उनके प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस हत्या की कड़ी निंदा करते हुए इसे पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की गंभीर तस्वीर बताया।
वड़िंग ने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक नौजवान की हत्या पंजाब और दुनिया भर में रहने वाले पंजाबियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने एक बार फिर नशे की समस्या से निपटने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में राज्य सरकार की नाकामी को उजागर किया है।
परिवार के साथ अपने पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए वड़िंग ने कहा कि तीन साल पहले, जब परविंदर सिंह झोटा के खिलाफ नशे के खिलाफ आवाज उठाने के कारण मामला दर्ज किया गया था, तब भी वह परिवार के साथ खड़े थे। उन्होंने कहा कि उस समय भी नशे के खिलाफ गंभीर और निर्णायक कार्रवाई की जरूरत थी।
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पहले होती कार्रवाई तो टल सकती थी हत्या
वड़िंग ने कहा, “अगर सरकार ने उस समय नशा सप्लायरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की होती और सप्लाई नेटवर्क को खत्म किया होता, तो क्या इस दुखद घटना को रोका जा सकता था? यह सवाल पंजाब सरकार को जवाब देना होगा। इस नाकामी की जिम्मेदारी कौन लेगा?”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने डेढ़ महीने के भीतर नशा खत्म करने का वादा किया था। इसके बाद सरकार ने ‘नशे के खिलाफ जंग’ जैसे अभियान चलाए और जनता के करोड़ों रुपये खर्च किए। हालांकि, उनके आरोप के मुताबिक, इन अभियानों से वादे के अनुसार नतीजे नहीं मिले।
वड़िंग ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा ने कथित नशा तस्करों का सामना करके, उनकी गतिविधियों को उजागर करके और इस मुद्दे को जनता के सामने लाकर हिम्मत दिखाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि नशा तस्करी को लेकर बार-बार चिंता जताए जाने के बावजूद सरकार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम रही।
परविंदर के योगदान को मान्यता देने की मांग
सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए वड़िंग ने कहा कि प्रचार अभियान और बयानबाजी जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई की जगह नहीं ले सकते। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान, पुलिस और राज्य प्रशासन से नशे के संकट और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की।
वड़िंग ने मांग की कि नशे के खिलाफ लड़ाई में परविंदर सिंह झोटा के योगदान को मान्यता दी जाए, उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाए और इस संबंध में पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार से शोक संतप्त परिवार के पास जाकर उनका दुख साझा करने और उनकी चिंताओं का समाधान करने की भी अपील की।
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पंजाब अब और बर्दाश्त नहीं करेगा
पंजाब कांग्रेस की अगली कार्रवाई के बारे में वड़िंग ने कहा कि पार्टी ने न्याय और जवाबदेही की मांग को लेकर अपने ब्लॉक और जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस परिवार के साथ खड़ी रहेगी और न्याय मिलने तक नशे के खिलाफ अपनी आवाज उठाती रहेगी।
वड़िंग ने कहा, “पंजाब अब और बहाने बर्दाश्त नहीं कर सकता। जब किसी नागरिक की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी जाती है और नशे का कारोबार हमारे नौजवानों के भविष्य को खतरे में डालता रहता है, तो सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। अगर भगवंत मान की सरकार अपने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकती, तो उसे नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।”
