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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 26, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शहर जैसा पंजाब का ये गांव, चारोंं तरफ हरियाली, सड़क किनारे बेंच और CCTV, स्मार्ट स्कूल भी

By Pankaj DwivediEdited By:
Published: Mon, 26 Jul 2021 06:50 PM (IST)Updated: Tue, 27 Jul 2021 10:20 AM (IST)

लुधियाना का गांव सुनेतपुरा किसी शहर से कम नहीं है। यहां की सड़कों की हालत और साफ-सफाई शहरों को भी ...और पढ़ें

गांव सुनेतपुरा में सड़कों पर साइन बोड के साथ मिरर भी लगाए गए हैं। जागरण
गांव सुनेतपुरा में सड़कों पर साइन बोड के साथ मिरर भी लगाए गए हैं। जागरण

जगराओं (लुधियाना) , जागरण संवाददाता। बेट एरिया के गांव जनेतपुरा कोई आम गांव नहीं है बल्कि यह शहर जैसी सुविधाओं से युक्त है। खास बात यह है कि यहां सारा विकास गांव के एनआरआइ ने मदद देकर करवाया जा रहा है। विकास कार्य की जिम्मेदारी गांव की यूथ वेलफेयर सोसायटी ने ली है।

सोसायटी ने पिछले पांच वर्षों से सुनेतपुरा के एनआरआइ भाइयों के सहयोग से गांव की तस्वीर बदल दी है। गांव की सभी गलियां व नालियां पक्की करवा दी गई हैं। चारों तरफ हरियाली के बीच मोर घूमते अक्सर दिख जाते हैं। गलियों में लोगों के बैठने के लिए बेंच रखे गए हैं। हर जगह साफ-सफाई नजर आती है।

गांव में सफाई की व्यवस्था आला दर्जे की है। यहां नियमित रूप से सफाई की जाती है। 

पौधरोपण करके पूरे सुनेतपुरा गांव को ग्रीन बनाया गया है। अपराध रोकने के लिए गांव में 20 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं जो निगरानी के काम आते हैं। वाहन चालकों के लिए हर गली-मोहल्ले के मोड़ पर मिरर लगे हैं। इससे उन्हें गली में आने-जाने में परेशानी नहीं होती है। सड़क दुर्घटना का खतरा भी कम हो जाता है। शिक्षा के क्षेत्र में भी गांव ने तरक्की की है। यहां के बच्चों के लिए सरकारी प्राइमरी स्कूल का पुर्ननिमाण करवाया गया है। इसे स्मार्ट बनाया गया है। 

गांव सुनेतपुरा में सड़क किनारे जगह-जगह लोगों के आराम करने के लिए बेंच लगाई गई हैं।

लाखों की मदद ने बदली गांव की सूरत

सोसायटी के सदस्यों ने बताया कि एनआरआइ भाइयों की ओर से मिल रहे आर्थिक सहयोग से गांव का विकास करवाया जा रहा है। एनआरआइ लोहगढ़ निवासी रछपाल सिंह बंदेशा कनेडियन का यह नानके गांव है। वह समय-समय पर गांव के लिए विकास के लिए मदद देते रहते हैं। पिछले दिनों ही उन्होंने कुल मिलाकर करीब 60,000 रुपये की आर्थिक मदद दी है।

लुधियाना के सुनेतपुरा गांव की चमचमाती सड़कें।

सोसाइटी के सदस्य दविंदर सिंह ने बताया कि एनआरआइ रछपाल सिंह बंदेशा समय-समय पर अपनी नानी मां आसो कौर की याद में लाखों रुपये भेज चुके हैं। यूथ वेलफेयर सोसायटी और जनेतपुरा के सभी लोग उनका हृदय से धन्यवाद करते हैं।