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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लुधियाना में घर-घर डस्टबिन चेक करेंगे निगम अफसर, सूखा-गीला कूड़ा अलग न हुआ तो कटेगा चालान

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Published: Wed, 17 Mar 2021 06:44 AM (IST)Updated: Wed, 17 Mar 2021 10:58 AM (IST)

शहर को साफ व प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए निगम ने गंदगी फैलाने वालों के चालान काटने शुरू कर दिए ...और पढ़ें

गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग नहीं करने पर कटेंगे चालान। (जागरण)
गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग नहीं करने पर कटेंगे चालान। (जागरण)

लुधियाना, जेएनएन। अगर आप अपने घर में गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग नहीं कर रहे तो चालान कटाने के लिए तैयार रहें। अब निगम अफसर कभी भी आपके घर में पहुंचकर आपके डस्टबिन चेक कर सकते हैं। अगर घर में गीला व सूखा कूड़ा मिक्स पाया गया तो निगम अफसर आपका चालान कर 250 रुपये वसूले लेंगे। निगम शहर में 100 फीसद सोर्स सेग्रीगेशन पर जोर दे रहा है। मंगलवार को निगम की हेल्थ ब्रांच की प्रमुख असिस्टेंट कमिश्नर स्वाति टिवाणा ने अफसरों के साथ बैठक की और उन्हें घर-घर जाकर लोगों के डस्टबिन चेक करने के आदेश दे दिए हैं।

टिवाणा ने साफ कहा कि जहां सेग्रीगेशन नहीं हो रहा, वहां चालान काट दिए जाएं। इसके अलावा उन्होंने 100 फीसद डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन करवाने के आदेश भी दिए। बैठक के दौरान असिस्टेंट कमिश्नर ने चारों जोनों के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टरों से नई चालान बुक आने के बाद किए गए चालानों के बारे में रिपोर्ट मांगी। नोडल अफसर अश्वनी सहोता ने बताया कि नई चालान बुक आने के बाद कुल 286 चालान काटे गए हैं। इनमें से 202 चालान पालीथिन इस्तेमाल करने वालों व 84 चालान निर्माण कार्य का मलबा गली या सड़क में फेंकने वालों के किए गए। अब कूड़ा सेग्रीगेशन न करने वालों के चालान करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

सड़क पर मलबा फेंकने वालों की खैर नहीं

शहर को साफ व प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए निगम ने गंदगी फैलाने वालों के चालान काटने शुरू कर दिए हैं। निगम ने अब सड़क पर निर्माण कार्यों का मलबा फेंकने वालों के चालान काटने शुरू कर दिए। एक मार्च से 15 मार्च तक नगर निगम 84 लोगों के चालान काट चुका है। अगले कुछ दिनों में इसमें और तेजी लाई जाएगी।

पालीथिन कैरीबैग का प्रयोग करने वालों के काटे चालान

हेल्थ ब्रांच के नोडल अफसर अश्वनी सहोता ने बताया कि पालीथिन कैरीबैग का इस्तेमाल करने वालों के चालान भी काटे जा रहे हैं। एक मार्च से 15 मार्च तक 202 लोगों के चालान काटे गए, जिसमें आम लोग व दुकानदार भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी लिखकर दिया गया है कि वह कैरी बैग बनाने वाली फैक्ट्रियों पर कार्रवाई करें।

 

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