संवाद सहयोगी, फरीदकोट। फरीदकोट में लगभग 25 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के मामले में दर्ज एक केस में फरीदकोट के अंतिम महाराजा हरिंदर सिंह बराड़ की बेटी 87 वर्षीय अमृत कौर ने वीरवार को यहां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत का दरवाजा खटखटाया। इसमें फरीदकोट पुलिस ने जिन सभी दस्तावेजों पर भरोसा किया है, उन्हें रद करने की मांग की। उस प्राथमिकी में जिसमें एक पूर्व न्यायिक अधिकारी समेत 23 प्रभावशाली व्यक्ति आरोपित हैं। धोखाधड़ी और जालसाजी के कथित अपराध के लिए यह आपराधिक मामला पिछले साल जुलाई में पूर्व महाराजा की बेटी अमृत कौर (87) की शिकायत पर दर्ज किया गया था। पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में, महाराजा की बेटी ने आरोप लगाया था कि आरोपित ने 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की चल और अचल संपत्ति को हथियाने और हेराफेरी करने के कथित मकसद से उसके पिता की वसीयत में जालसाजी की थी। अमित कौर चंडीगढ़ में रहती हैं।

आपराधिक मामला दर्ज होने के लगभग एक साल बाद इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं होने शिकायतकर्ता को बहुत आश्चर्य हुआ। पुलिस ने इस साल दो जून को अदालत का दरवाजा खटखटाया और प्राथमिकी को रद करने की मांग की। पुलिस कैंसिलेशन मिलने के बाद कोर्ट ने अमृत कौर को पुलिस के इस कदम पर जवाब देने के लिए तलब किया। अदालत में अपने आवेदन में अमृत कौर ने आज मांग की कि उन्हें वे सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं जिन पर पुलिस ने इस प्राथमिकी में रद करने के लिए भरोसा किया है। उसने दावा किया कि आरोपित के खिलाफ प्राथमिकी पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के एक फैसले के बाद दर्ज की गई थी, जिसमें अदालत ने पाया था, कि उसके पिता की वसीयत बड़ी संपत्ति थी। कोर्ट ने मामले की सुनवाई 11 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी है। कोर्ट की कापी ब्रांच को सभी दस्तावेज अमृत कौर को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

Edited By: Vinay Kumar