जागरण संवाददाता, लुधियाना। पंजाब के पूर्व खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री भारत भूषण आशु के खिलाफ विजिलेंस ने अदालत में दोबारा से चालान पेश किया है। अदालत में पहले दिए गए चालान में सरकारी मंजूरी न लेकर पीसी एक्ट नहीं लगाया गया था। इसी कारण चालान दोबारा से पेश करना पड़ा है। दूसरी तरफ इस मामले में आरोपित ठेकेदार तेलुराम की रेगूलर जमानत के लिए बहस हुई है और आगे की तारीख 3 दिसंबर रखी गई है।

बता दें कि अनाज ढुलाई मामले में दर्ज की गई एफआइआर में विजिलेंस ने इसी माह 15 तारीख को अदालत में चालान पेश कर दिया था। इस पर पीसी एक्ट नहीं लगा होने के कारण इस पर अबजेक्शन लगाया गया था, जिसे सरकार की मंजूरी लेकर पीसी एक्ट लगाकर दोबारा से पेश किया गया है।

दूसरी तरफ एडीशनल सेशन जज की अदालत में आरोपित ठेकेदार तेलु राम द्वारा लगाई गई अर्जी पर बुधवार को बहस हुई है, जिसमें विजिलेंस की तरफ से पेश हुए सरकारी वकील ने उसको जमानत देने से केस की जांच प्रभावित होने की बात कही है।

बता दें कि विजिलेंस रेंज कार्यालय में लुधियाना की अनाज मंडियों में हुई अनाज ढुलाई के टेंडर में गबन की शिकायत नवांशहर के ठेकेदार गुरप्रीत सिंह ने की थी। इसकी जांच के बाद विजिलेंस ने अनाज ढुलाई का ठेका लेने वाले ठेकेदार तेलुराम, उसके दो सहयोगियों, फूड सप्लाई विभाग के अधिकारियों को 16 अगस्त को नामजद किया था।

आरोप है कि पालिसी में फेरबदल कर तेलुराम को ठेका दिया गया था। इस घोटाले से आए पैसों को बेनामी जायदाद में लगाया गया है। विजिलेंस ने इसके बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु को नामजद कर गिरफ्तार किया था। पुलिस ने विभाग के बर्खास्त डिप्टी डायरेक्टर आर के सिंगला, पीए के तौर पर काम करने वाले पंकज मीनू मलहोत्रा और इंद्रजीत सिंह इंदी समेत 20 लोगों को अब तक इस मामले में नामजद किया है। पांच की गिरफ्तारी हो चुकी है।

Edited By: Pankaj Dwivedi

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट