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लुधियाना में स्टील देश के बाजारों से ₹7000 तक महंगा, उद्योगपति परेशान; फोरम ने कीमतों की जांच की मांग उठाई

Published: Sat, 12 Sep 2026 12:44 PM (IST)

लुधियाना में स्टील की कीमत देश के कई बाजारों से 7,000 रुपये प्रति टन तक अधिक होने का दावा है। ...और पढ़ें

ये प्रतिकात्मक तस्वीर है।

ये प्रतिकात्मक तस्वीर है।

HighLights

  1. लुधियाना में स्टील अन्य बाजारों से ₹7000 प्रति टन महंगा।

  2. महंगे स्टील से साइकिल, इंजीनियरिंग उद्योगों पर सीधा असर।

  3. वर्ल्ड एमएसएमई फोरम ने कीमतों की जांच और ऑडिट मांगा।

मुनीश शर्मा, लुधियाना। औद्योगिक नगरी नगरी की स्टील आधारित इंडस्ट्री महंगे स्टील के कारण दोहरी मार झेल रही है। वर्ल्ड एमएसएमई फोरम के मुताबिक लुधियाना में सेकेंडरी स्टील (माइल्ड स्टील इंगट) की कीमत करीब 49,500 रुपये प्रति टन पहुंच गई है, जबकि एक माह पहले यह 44,500 रुपये थी।

इस तरह एक महीने में करीब 5,000 रुपये प्रति टन की बढ़ोतरी हुई है। फोरम के अनुसार लुधियाना में स्टील की कीमत देश के कई प्रमुख स्टील बाजारों से काफी अधिक है। रायपुर और दुर्गापुर में इंगट करीब 43,000 रुपये, कोलकाता में 43,900 रुपये, जम्मू में 46,500 रुपये, मुंबई में 46,000 रुपये और राउरकेला में करीब 41,800 रुपये प्रति टन है।

वहीं, मंडी गोबिंदगढ़ के मुकाबले भी लुधियाना में स्टील करीब 2,500 रुपये प्रति टन महंगा है। फोरम का कहना है कि अन्य क्षेत्रों की तुलना में लुधियाना में स्टील 2,500 से 7,000 रुपये प्रति टन तक महंगा पड़ रहा है।

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साइकिल से इंजीनियरिंग उद्योग तक असर

महंगे स्टील का सीधा असर लुधियाना के साइकिल एवं साइकिल पार्ट्स, आटोमोबाइल कंपोनेंट, हैंड टूल, कृषि उपकरण, मशीन टूल, सिलाई मशीन, फास्टनर और इंजीनियरिंग उद्योग पर पड़ रहा है।

फोरम ने कहा कि बड़ी मात्रा में स्टील इस्तेमाल करने वाली इकाइयों के लिए प्रति टन कुछ हजार रुपये की अतिरिक्त लागत भी बड़ा बोझ बन जाती है। उद्योग के सामने या तो नुकसान सहने, उत्पाद की कीमत बढ़ाने या दूसरे राज्यों के उत्पादकों से आर्डर गंवाने की स्थिति बनती है।

‘एसएमएस माफिया’ की भूमिका की जांच हो

वर्ल्ड एमएसएमई फोरम ने रोजाना जारी होने वाली स्टील कीमतों की प्रक्रिया की जांच की मांग की है। फोरम के अनुसार उद्योग में एसएमएस, वाट्सएप और अन्य माध्यमों से कीमतें प्रसारित होती हैं, जिन्हें बाजार दर के रूप में लिया जाता है। फोरम ने इसे लेकर जांच की मांग की है कि इन दरों को कौन तैयार करता है, उनका आधार क्या है और क्या किसी अनौपचारिक नेटवर्क का बाजार कीमतों पर प्रभाव है।

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सरकारी स्टील सप्लाई का भी ऑडिट मांगा

फोरम ने सार्वजनिक क्षेत्र की स्टील इकाइयों से पंजाब को होने वाली सप्लाई का पूरा ऑडिट करने की मांग की है। इसमें उत्पादन, पंजाब को आवंटन, वास्तविक सप्लाई और लुधियाना की औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचने वाली मात्रा का मिलान करने की मांग की गई है। साथ ही स्टील की कमी, जमाखोरी, कालाबाजारी और कृत्रिम कमी की शिकायतों की भी जांच की मांग की गई है।

पारदर्शी प्राइस मॉनिटरिंग सिस्टम की मांग

फोरम ने राष्ट्रीय स्तर पर स्टील प्राइस मॉनिटरिंग सिस्टम बनाने की मांग की है, जिसमें एक्स-प्लांट कीमत, फ्रेट, डिस्ट्रीब्यूटर मार्जिन और वास्तविक लेनदेन कीमतों की जानकारी उपलब्ध हो। इसके साथ ही कम उपलब्धता वाले विशेष ग्रेड के स्टील के आयात में बीआइएस संबंधी प्रक्रियाओं को आसान और तेज करने की मांग की गई है।

फोरम अध्यक्ष बादिश जिंदल ने केंद्र और पंजाब सरकार से लुधियाना तथा अन्य प्रमुख स्टील बाजारों के बीच कीमतों के अंतर की तत्काल जांच की मांग की है। उनका कहना है कि महंगा स्टील केवल स्टील उपभोक्ता उद्योग को प्रभावित नहीं करता, बल्कि इससे उत्पादन, आर्डर, रोजगार और लुधियाना के पूरे मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हो सकती है।

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