यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 31, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ludhiana Curfew Timings: लुधियाना में फिर मिली राहत... आज से शाम पांच बजे तक खोल सकेंगे दुकानें
Ludhiana Curfew Timings रेस्टोरेंट कैफे फास्ट फूड आउटलेट्स ढाबे बेकरी और हलवाई आदि को बिठाकर खाना खिलाने या परोसने की ...और पढ़ें

लुधियाना, जेएनएन। Ludhiana Curfew Timings: कोरोना के मामले कम होता देख जिला प्रशासन व्यापारियों को कर्फ्यू में थोड़ी ढील देने जा रहा है। सोमवार से व्यापारी अपनी दुकान, निजी संस्थान और दफ्तर शाम पांच बजे तक खोल पाएंगे। हालांकि ये राहत शुक्रवार तक ही होगी। शनिवार और रविवार को पहले की तरह पूरी तरह लाॅकडाउन रहेगा। अब तक व्यापारियों को सुबह पांच से दोपहर तीन बजे तक दुकानें खोलने की अनुमति दी गई थी। डीसी वरिंदर शर्मा ने रविवार देर शाम को यह आदेश जारी किए हैं।
टेक अवे की सुविधा शाम पांच बजे तक
रेस्टोरेंट, कैफे, फास्ट फूड आउटलेट्स, ढाबे, बेकरी और हलवाई आदि को बिठाकर खाना खिलाने या परोसने की मनाही रहेगी। इस दौरान सिर्फ सामान बेचा जा सकता है। टेक अवे की सुविधा शाम पांच बजे तक होगी और होम डिलिवरी रात नौ बजे तक की जा सकेगी। होम डिलीवरी करने वालों के पास कफ्र्यू पास होना अनिवार्य होगा।
रात नौ बजे तक पार्सल की होम डिलीवरी
ई-कामर्स कंपनियां, कोरियर कंपनियां और डाक विभाग रात नौ बजे तक पार्सल की होम डिलीवरी कर सकते हैं। उनके पास भी कर्फ्यू पास होना अनिवार्य होगा। कर्फ्यू में अन्य पाबंदियां पहले की तरह ही रहेंगी।
नियम नहीं मानने पर होगी कार्रवाई
डीसी द्वारा जारी आदेशों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों को सख्ती से लागू करवाने के लिए पुलिस टीमें बाजारों में गश्त करेंगी। पुलिस का कहना है कि इस मामले में काेताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लाेगाें काे काेराेना नियमाें का पालन कर सरकार व प्रशासन का सहयाेग करना चाहिए।
महानगर में लगातार खतरनाक हो रहा कोरोना संक्रमण
लुधियाना में कोरोना संक्रमण के कारण लगातार हालात बिगड़ रहे हैं। शनिवार को ही जिले में कोरोना संक्रमण से कई मौतें हुई हैं। लोगों की लापरवाही के कारण पिछले कुछ दिनों से हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। जिले में कई लोग अब तक कोरोना की चपेट में आकर दम तोड़ चुके हैं। कोरोना की चेन तोड़ने के लिए अब प्रशासन के पास सख्ती बरतने का ही रास्ता बचा है।
