संस, लुधियाना। Guru Tegh Bahadur Shaheedi Diwas: श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के बलिदान दिवस को समर्पित नगर कीर्तन का आयोजन गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब से निकाला गया। नगर कीर्तन का जगह जगह विभिन्न संस्थाओं ने पुष्पवर्षा से स्वागत किया। इसी क्रम में शिव वेल्फेयर सोसायटी ने गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब से आयोजित श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के बलिदान दिवस को समर्पित नगर कीर्तन का पुष्पवर्षा कर स्वागत कर संगत को लंगर रेलवे स्टेशन के समीप गुरु गोबिंद सिंह मार्केट में वितरित किया।

गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब के प्रमुख सेवादार प्रितपाल सिंह पाली ने बिट्टू गुंबर सहित अन्य सोसायटी सदस्यों को सिरोपे व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। प्रितपाल सिंह पाली ने कहा कि शिव वेल्फेयर सोसायटी अध्यक्ष बिट्टू गुंबर की अध्यक्षता में पिछले 37 सालाें से नगर कीर्तनों व शोभायात्राओं के दौरान लगातार लंगर लगाकर हिंदू सिख भाईचारे का संदेश दे रहे है। उन्होने कहा कि बिट्टू गुंबर के नेतृत्व में सोसायटी की तरफ से अकाल पुरुख वाहेगुरु की बख्शी दुनियावी दौलत का सदुपयोग कर किए जा रहे मानवता की सेवा के प्रयास भी प्रंशसनीय है।

बिट्टू गुंबर ने श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को नमन करते हुए कहा कि गुरु जी ने शहादत देकर हमें धर्म के प्रति निष्ठावान रहने का संदेश दिया। जिसकी मिसाल मिलना संभव नहीं है। इस अवसर पर बिट्टू गुंबर,मनप्रीत बंटी,जतिन्द्र सिंह बंटी, राजू गुंबर, परमपाल सिंह बिट्टी, प्रहलाद सिंह ढल्ल, गुरविंदर सिंह पप्पू, अमरीक सिंह बॉबी व अन्य भी उपस्थित रहे।

सर्वहितकारी स्कूल में गुरु तेग बहादुर का शहीदी दिवस मनाया

जगराओं। श्री गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस श्रीमती सतीश गुप्ता सर्वहितकारी विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल जगराओं में प्रिंसिपल नीलू नरूला के नेतृत्व में मनाया गया। इस अवसर पर शिक्षिका मीनू रानी ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी शुरू से ही एक संत, विचारशील, दयालु और वीर व्यक्ति थे। उन्होंने अपने समय के शासक वर्ग की मानवता विरोधी नीतियों को कुचलने के लिए अपनी शहादत दे दी। श्री गुरु तेग बहादुर जी ता धर्म के लिए ही नहीं बल्कि संपूर्ण मानव सांस्कृतिक विरासत के लिए बलिदान अमुलीय है।

इस अवसर पर बच्चों द्वारा सास सास सिमरो गोबिंद. शब्द व कविताएं प्रस्तुत की गई तथा बोले सो निहाल व वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह का उच्चारण किया गया। साथ ही वाहेगुरु मंत्र का जाप किया गया। प्रिंसिपल नीलू नरूला ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें अपने महापुरुषों के बलिदान को सदैव याद रखना चाहिए। देश व धर्म की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। देश, राष्ट्र और धर्म पर किसी भी प्रकार का संकट आए तो उसका सामना करने के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए।

Edited By: Vipin Kumar

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट