Sahir Ludhianvi death anniversary : साथी हाथ बंटाना साथी रे, एक अकेला थक जाएगा... से लुधियानवी को किया याद
ध्वनि म्यूजिकल के रंधीर कंवल ने साहिर को याद करते हुए उनके गीत की पंक्तियां साथी हाथ बंटाना साथी रे एक अकेला थक जाएगा मिलकर बोझ उठाना.. प्रस्तुत की। पूर्व छात्र समन्वयक बृज भूषण गोयल ने युद्ध के उन्माद और सांप्रदायिक घृणा के खिलाफ कवि के दोहे प्रस्तुत किए।
लुधियाना, जेएनएन। एससीडी गवर्नमेंट कालेज के विद्यार्थी रहे महान शायर साहिर लुधियानवी को 40वीं पुण्यतिथि पर संस्थान में याद किया गया। प्रिंसिपल धरम सिंह संधू, कालेज के टीचर्स और कुछ एलुमिनी कालेज में स्थित साहिर की यादगारी के पास एकत्रित हुए और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
ध्वनि म्यूजिकल के रंधीर कंवल ने साहिर को याद करते हुए उनके गीत की पंक्तियां 'साथी हाथ बंटाना साथी रे, एक अकेला थक जाएगा, मिलकर बोझ उठाना'.. प्रस्तुत की। पूर्व छात्र समन्वयक बृज भूषण गोयल ने युद्ध के उन्माद और सांप्रदायिक घृणा के खिलाफ कवि के दोहे प्रस्तुत किए।
उन्होंने अपनी अमर कविता विरसा से कवि के संदेश के बारे में बात की। इसके अलावा कालेज के पूर्व छात्र व गणित विभाग के एचओडी डा. कमल किशोर ने फिल्म धूल का फूल (1959) से साहिर के गीत तू अमन का और सुलह का अरमान बनेगा, इंसां की औलाद है, इंसान बनेगा। तू हिंदू बनेगा, ना मुसलमान बनेगा... को पेश किया।
साहिर की पुस्तकों के लिए अलग स्थान
प्रिंसिपल डा. संधू ने कहा कि कालेज ने साहिर द्वारा लिखी गई पुस्तकों और महान गायक पर अन्य लेखकों की पुस्तकों के लिए एक अलग स्थान निर्धारित किया है। महान कवि के नाम पर एक वनस्पति गुलाब उद्यान भी बनाया गया है। अगले साल साहिर की 100वीं जयंती को विशेष तौर पर मनाने के लिए कालेज योजना बना रहा है। डा. अश्वनी भल्ला ने कवि को याद करने के प्रयासों के लिए एलुमिनी एसोसिएशन का धन्यवाद किया।
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