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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रातभर युद्ध स्‍थल-सा बना रहा राजपुरा, मुश्किल में रहे बंधक भाजपा नेता, तस्‍वीरों में देखें किसान व पुलिस का मोर्चा

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Mon, 12 Jul 2021 10:02 AM (IST)Updated: Mon, 12 Jul 2021 10:35 AM (IST)

Rajpura Farmers Protest पंजाब के पटियाला जिले का राजपुरा रातभर जैसे जंग का स्‍थल बन गया था। किसान नेताओं द्वारा ...और पढ़ें

भाजपा नेता के आवास के बाहर जमा किसान प्रदर्शनकारी। (एएनआइ)
भाजपा नेता के आवास के बाहर जमा किसान प्रदर्शनकारी। (एएनआइ)

राजपुरा (पटियाला) , जेएनएन/एएनआइ। पंजाब में किसानाें द्वारा भाजपा नेताओं के विरोध ने हिंसक रूप ले लिया। पटियाला के राजपुरा में किसानों द्वारा भाजपा नेताओं को बंधक बनाने के बाद रातभर भारी तनाव रहा। पुलिस के लिए स्थिति पर काबू पाना बेहद चुनौती पूर्ण हो गया। इससे राजपुरा जैसे जंग स्‍थल-सा बन गया।

रविवार को भाजपा नेताओं की बैठक हो रही थी। इस बैठक में पंजाब भाजपा के महासचिव सुभाष शर्मा और भाजपा नेता भूपेश अग्रवाल सहित कई पार्टी पार्टी नेता मौजूद थे। किसान संगठनों को इसके बारे में पता चला तो उनके सदस्‍य भारी संख्‍या में वहां पहुंच गए।

 

राजपुरा में  भाजपा नेता के आवास में फंसे भाजपा नेता। (एएनआइ)

इसके बाद उग्र प्रदर्शनकारियों ने भाजपा नेता के घर को घेर लिया और नारेबाजी करने लगे। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने भाजपा नेता के आवास की बिजली भी काट दी और पथराव भी किया। इस दौरान भारी संख्‍या में पुलिस भी पहुंच गई।

राजपुरा में भाजपा नेताओं को किसानों द्वारा बंधक बनाए जाने के बाद मौके पर तैनात पुलिस। (एएनआइ)

इस दौरान उग्र हो रहे किसान प्रदर्शनकारियों के रुख से भाजपा नेता सांसत में रहे। भाजपा नेताओं ने पुलिस पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि पुलिस ने प्रदर्शनक‍ारियों को रोकने और वहां से हटाने का कोई प्रयास नहींं किया।

 

पटियाला के राजपुरा में भाजपा नेता के घर के बाहर जमा किसान प्रदर्शनकारी। (एएनआइ)

इससे राजपुरा में माहौल बेहद तनाव पूर्ण हो गया। किसान संगठनों के प्रदर्शनकारियों का रुख लगातार आक्रामक हो रहा था और पुलिस द्वारा उनको समझाने-बुझाने के प्रयास निरर्थक साबित हो रहे थे। पुलिस के हाथ-पांव फूल रहे थे। इससे किसी अनहोनी की आशंका में भाजपा नेता सांसत में थे।

प्रदर्शनकारी किसान संगठनों के सदस्‍यों को समझाने-बुझाने की कोशिश करते पुलिस अधिकारी। (एएनआइ)

इसी बीच पंजाब भाजपा की ओर से रात में ही पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया और हालात को देखते हुए हाई कोर्ट से इस मामले में हस्‍तक्षेप कर बंधक बने भाजपा नेताओं को छुड़ाने की अपील की गई। इसके बाद हाई कोर्ट ने देर रात सुनवाई कर भाजपा नेताओं को छु़ड़ाने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस पूरी तरह सक्रिय हुई और भाजपा नेताओं को वहां से निकालने की कोशिश शुरू की।

भाजपा नेता भूपेश अग्रवाल को निकालकर ले जाते पुलिसकर्मी। (एएनआइ)

पुलिस ने भाजपा नेताओं को निकालना शुरू किया तो किसान संगठनों के उग्र सदस्‍यों ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस ने किसानों काे हटाने के लिए हल्‍का लाठीचार्ज किया ताे प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और पथराव करने लगे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा निकाले जाने के दौरान भाजपा नेता भूपेश अग्रवाल पर पत्‍थर भी फेंका। इससे पहले आरोप है कि रविवार को बैठक में शामिल होने के लिए जाते समय कुछ किसानों द्वारा हमला करने पर भूपेश अग्रवाल ने अपनी पिस्‍तौल निकाल ली थी। इसके बाद किसान प्रदर्शनकारी और उग्र हो गए थे।

राजपुरा में एक भाजपा नेता को निकालकर ले जाते पुलिसकर्मी। (एएनआइ)