यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 07, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ram Rahim: डेरा प्रमुख राम रहीम की फरलाे ने बढ़ाई पंजाब में चुनावी सरगर्मी, मालवा की 56 सीटाें पर असर
Ram Rahim Updatesः राज्य में भाजपा इस बार अकाली दल से अलग हाेकर चुनाव लड़ रही है। अब देखना यह ...और पढ़ें

आनलाइन डेस्क, लुधियाना। Punjab Election 2022ः आखिरकार डेरा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम (Dera chief Gurmeet Ram Rahim) काे साेमवार काे हिसार की अदालत से फरलाे मिल ही गई। इसके बाद पंजाब (punjab) की सियासत गर्मा गई है। विधानसभा की 117 सीटाें में से 56 पर डेरा सिरसा का खासा प्रभाव है। अगले कुछ दिनाें में डेरा पंजाब चुनाव (punjab Election) में समर्थन काे लेकर बड़ा ऐलान कर सकता है। राज्य में भाजपा (BJP) इस बार अकाली दल (Akali Dal) से अलग हाेकर चुनाव लड़ रही है। अब देखना यह है कि डेरा सिरसा (Dera Sirsa) किस पर नजरें इनायत करता है। पंजाब में 20 फरवरी काे मतदान हाेना है। हरियाणा (Haryana) में भी 2014 और 2019 के विधानसभा चुनावों में भाजपा (BJP) की जीत में डेरा सच्चा सौदा ने एक बड़ी भूमिका निभाई थी। यहां भाजपा ने डेरे को पूरा समर्थन दिया था।
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले चर्चाएं शुरू
डेरा प्रमुख राम रहीम दुष्कर्म और हत्या के केस में सजा काट रहे हैं। इससे पहले भी राम रहीम काे अलग-अलग कारणों से पैराेल तो मिली है, मगर फरलो पहली बार मिली है। पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले राम रहीम के जेल से बाहर आने के चलते चर्चाएं शुरू हो गई हैं। बता दें कि गुरमीत राम रहीम को साध्वी दुष्कर्म मामले में पंचकूला की अदालत में 25 अगस्त 2017 को पेश किया गया था। सीबीआइ की विशेष अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए सुनारिया जेल में भेज दिया था। डेरा प्रमुख राम रहीम का जन्म राजस्थान के श्री गंगानगर जिले के गुरूसार मोदिया गांव में 15 अगस्त 1967 में हुआ था।
पंजाब चुनाव पर असर
पंजाब में 300 के करीब डेरे हैं। इनमें से करीब 10 डेरों के समर्थकों की संख्या लाखों में है। इनमें राधास्वामी ब्यास, डेरा सच्चा सौदा, निरंकारी, नामधारी, दिव्य च्योति जागृति संस्थान, डेरा सचखंड बल्लां, डेरा बेगोवाल के नाम प्रमुख हैं। चुनाव में अगर डेरों का समर्थन मिल जाए तो पार्टियों को बड़ा वोट बैंक हासिल हो सकता है।
क्या हाेती है फरलाे
बता दें कि फरलाे एक छुट्टी है, जिसमें जेल में सजायाफ्ता बंदियाें काे छुट्टी मिलती है और तय समय के लिए वह अपने घर जा सकते हैं। हालांकि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले मिली इस फरलाे के कई मायने है।
