जागरण टीम, पटियाला/चंडीगढ़। Electricity Crisis In Punjab: राज्य में कोयले की कमी ने बिजली संकट खड़ा कर दिया है। शनिवार को राज्य में जरूरत के मुकाबले आधी बिजली का उत्पादन ही हो सका। हालांकि पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पावरकाम) ने कमी को पूरा करने के लिए अन्य कंपनियों से भी बिजली खरीदी लेकिन फिर भी राज्यभर में दो से छह घंटे तक बिजली कट लगाने पड़े। थर्मल प्लांटों के पास अब केवल दो दिन तक बिजली उत्पादन के लिए ही कोयला शेष बचा है।

अगर कोयले की सप्लाई में सुधार न हुआ तो बिजली उत्पादन प्रभावित होने से राज्य में शनिवार के मुकाबले और लंबे बिजली कट लगाने की नौबत आ सकती है। शनिवार को राज्य में 177 फीडर दो घंटे, 68 फीडर चार घंटे और 17 फीडर छह घंटे के लिए बंद रहे। बिजली कट लगने से पावरकाम को एक ही दिन में 27 हजार शिकायतें मिलीं, जबकि शुक्रवार को 24 हजार शिकायतें मिली थीं।

कृषि क्षेत्र को पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ ही शहरों व गांवों में बिजली कटौती की जा रही है। उन्होंने कंपनियों से तुरंत कोयले की सप्लाई बढ़ाने के लिए कहा है। पावरकाम के सीएमडी ए वेणु प्रसाद ने कहा कि कोल इंडिया लिमिटेड कोयले की कम आपूर्ति कर रही है। निजी थर्मल प्लांटो टीएसपीएल के पास 1.3 दिन और जीवीके के पास 0.6 दिन तक बिजली उत्पादन के लिए ही कोयले का स्टाक है।पावरकाम के गुरु गोबिंद सिंह थर्मल प्लांट रोपड़ व गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट लहरा मोहब्बत में भी केवल दो दिन के लिए कोयला शेष है। वहीं पावरकाम के सूत्रों के अनुसार 49 कोयला रैक अभी रास्ते में हैं। इनमें से 18 रैक राजपुरा, 26 रैक तलवंडी साबो, चार रैक गोइंदवाल साहिब और एक रैक रोपड़ प्लांट पहुंचना है।

शनिवार को बिजली की मांग और आपूर्ति में अंतर

 मांग: 8000 मेगावाट - उत्पादन: 3784 मेगावाट

 - राज्य के बाहर से खरीद : 3184 मेगावाट

 कहां कितना हुआ उत्पादन 

 रोपड़ और लहरा मोहब्बत : 958 मेगावाट

 - नाभा पावर प्रोजेक्ट : 1326 मेगावाट

 - तलवंडी साबो : 659 मेगावाट

 - गोइंदवाल साहिब : 309 मेगावाट

 - हाइड्रो प्रोजेक्ट : 232 मेगावाट

 - सोलर प्रोजेक्ट : 242 मेगावाट

Edited By: Vipin Kumar