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    Punjab Politics: पंजाब में खरगे की पहली रैली से क्यों अलग रहे नवजोत सिंह सिद्धू, एक्स पर किया ये पोस्ट

    By Jagran News Edited By: Shoyeb Ahmed
    Updated: Mon, 12 Feb 2024 05:00 AM (IST)

    पंजाब में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की पहली रैली में पार्टी के शीर्ष नेता पहुंचे लेकिन स्टार कैंपेनर नवजोत सिंह सिद्धू रैली से गायब रहे। सिद्धू ने रविवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मल्लिकार्जुन खरगे का स्वागत किया। उन्होंने लिखा कि गुरुओं की धरती में आपका स्वागत है और कांग्रेस के हर वर्कर को आप की गाइडलाइंस का इंतजार है।

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    खरगे की रैली में नहीं दिखे नवजोत सिंह सिद्धू (फाइल फोटो)

    जागरण संवाददाता, लुधियाना। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की पंजाब में पहली रैली में पार्टी के शीर्ष नेता पहुंचे, लेकिन स्टार कैंपेनर नवजोत सिंह सिद्धू गायब रहे। यह अलग बात है कि मंच पर सिद्धू के लिए भी कुर्सी रखी थी। नवजोत सिद्धू ने रविवार सुबह एक्स पर मल्लिकार्जुन खरगे का स्वागत जरूर किया।

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    उन्होंने लिखा कि गुरुओं की धरती में आपका स्वागत है और कांग्रेस के हर वर्कर को आप की गाइडलाइंस का इंतजार है। सिद्धू ने अपने ही पंजाब के नेताओं पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि दोस्त अहबाब ने हर सुलूक मेरी उम्मीद के खिलाफ किया, अब मैं इंतकाम लेता हूं, जाओ तुम्हें माफ किया।'

    इन्होंने खुद को रैली से रखा अलग

    समराला में आयोजित रैली में पार्टी के दो पूर्व मुख्यमंत्री, एक उपमुख्यमंत्री, वर्तमान सभी सांसद (रवनीत बिट्टू को छोड़) और पूर्व व वर्तमान विधायक उपस्थित रहे।

    खास बात यह रही कि चंद दिनों पहले सिद्धू के साथ बैठक करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी व राजिंदर कौर भट्ठल, सिद्धू के करीबी सांसद जसबीर सिंह डिंपा आदि मंच पर थे, लेकिन सिद्धू ने निमंत्रण न मिलने की बात कहकर खुद को रैली से अलग रखा।

    आप से गठबंधन पर स्पष्ट नहीं बोले खरगे

    रैली में आप के साथ गठबंधन पर खरगे के बयान का लोगों को इंतजार रहा, लेकिन पंजाब की सभी 13 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की अरविंद केजरीवाल की घोषणा पर उन्होंने कुछ स्पष्ट नहीं कहा। सिर्फ इतना बोले कि देश के कुछ राज्यों में गठबंधन के लिए सहमति बन रही है और कहीं मिलाप नहीं हो पा रहा है।

    यह मायने नहीं रखता कि कोई जुड़ता है या नहीं .. हमें संघर्ष करना है। भले ही हमें अकेले लड़ना पड़े। आइएनडीआइए सिर्फ पंजाब के लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए है।