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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Mosque Controversy: अब पंजाब के राजपुरा में सराय काे मस्जिद बनाने पर विवाद, हिंदू संगठनाें का प्रदर्शन; माहाैल तनावपूर्ण

By Vipin KumarEdited By:
Published: Wed, 27 Apr 2022 11:40 AM (IST)Updated: Wed, 27 Apr 2022 02:39 PM (IST)

Mosque Controversy Punjab पंजाब में सराय काे मस्जिद में बदलने पर हंगामा हाे गया है। यहां पुरानी इमारत को नया ...और पढ़ें

Mosque Controversy: पटियाला जिले के गुजरांवाला मोहल्ले में सराय काे मस्जिद में बदला। (जागरण)
Mosque Controversy: पटियाला जिले के गुजरांवाला मोहल्ले में सराय काे मस्जिद में बदला। (जागरण)

संस, राजपुरा (पटियाला)। Mosque Controversy: पंजाब के फरीदकाेट में अभी तीन मस्जिदाें के अवैध निर्माण का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब पटियाला जिले के गुजरांवाला मोहल्ले में एक सराय काे मस्जिद में बदल दिया गया। यहां पुरानी इमारत को नया रूप देकर मस्जिद बनाने से माहाैल तनावपूर्ण हाे गया है। हालांकि आजादी से पहले यहां पर गुरु की सराय बनी हुई थी। पिछले 75 वर्ष से मोहल्ले के लोग ही इसकी देखरेख करते आ रहे हैं। इसकाे लेकर बड़ा विवाद खड़ा हाे गया है। दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष का कहना है कि साल 1947 से पहले ही यहां मस्जिद थी जिसे नया रूप दिया गया है।

पंजाब धर्माचार्य विश्व हिंदूू परिषद के अध्यक्ष अशोक चक्रवर्ती, विश्व हिंदूू परिषद के अध्यक्ष पंडित नरेश शर्मा, गोरक्षा दल के प्रधान सतीश कुमार सहित बड़ी संख्या में पहुंचे मोहल्लावासियों ने कहा कि गुज्जरांवाला मोहल्ले में बनी सराय को गुरुद्वारे का स्वरूप दिया हुआ था जहां पर हिंदू व सिख समाज के लोग सेवा निभा रहे थे। कुछ समय पहले ही बिना किसी सहमति व मंजूरी से उसे मस्जिद में तबदील करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उक्त मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए ताकि माहाैल खराब न हाे।

वहीं, गुज्जरांवाला मस्जिद के अध्यक्ष अतर हुसैन व इस्लाम अली ने कहा कि एसडीएम दफ्तर ने उनसे जो भी दस्तावेज मांगे गए थे, वह उन्होंने जमा करवा दिए हैं। गुज्जरांवाला मोहल्ला में मस्जिद बनी हुई थी। देश के बंटवारे के बाद यहां पर रहने वाले ज्यादातर लोग चले गए थे लेकिन जो रह गए थे। उन्होंने अपनी धरोहर को बचाकर रखा था। इसलिए मस्जिद को नया रूप दिया है।

दोनों पक्षों को 9 मई को बुलायाः एसडीएम

एसडीएम राजपुरा संजीव कुमार का कहना है कि दोनों पक्षों के लोगों के विचार सुने हैं और उनके दस्तावेज भी चेक किए हैं। दोनों पक्षों को 9 मई को संपूर्ण दस्तावेजों के साथ बुलाया है। सारे दस्तावेजों की गहन जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि कौन सा पक्ष सही कह रहा है।

फरीदकाेट में भी हुआ था तीन मस्जिदाें का निर्माण

गाैरतलब है कि इससे पहले फरीदकाेट में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 50 किलोमीटर के दायरे में तीन मस्जिदों के निर्माण में कश्मीर के रास्ते हुई फंडिंग से हुआ था। केरल की संस्था रिलीफ एंड चैरिटेबल फाउंडेशन आफ इंडिया (आरसीएफआइ) ने 2019 में जिले के फरीदकोट, जैतो व मत्ता अजीत सिंह गिल में तीन मस्जिदों का निर्माण करवाया था। इससे सरकार और खुफिया एजेंसियाें में हड़कंप मच गया था।