जागरण संवाददाता, लुधियाना : बुड्ढा दरिया की सफाई इस वक्त शहर का सबसे ज्वलंत मुद्दा बना है। श्री भैणी साहिब के प्रमुख सतगुरु ठाकुर उदय सिंह के नेतृत्व में दरिया की सफाई का काम टास्क फोर्स कर रही है। लेकिन प्रशासनिक अफसरों के ढीले रवैये के कारण मुहिम गति नहीं पकड़ पा रही है। एक तरफ टास्क फोर्स दरिया की सफाई कर रही है वहीं दरिया में गोबर व अनट्रीटेड सीवरेज वाटर गिराया जा रहा है। माय सिटी माय प्राइड की राउंड टेबल कॉन्‍फ्रेंस में दरिया की सफाई पर चर्चा हुई।

जिसमें प्रमुखता से यह बात रखी गई कि जब तक प्रशासनिक अफसरों ने गंभीरता के साथ सख्ती नहीं दिखाई तब तक दरिया साफ नहीं हो सकता। गुरुवार को दैनिक जागरण कार्यालय में राउंड टेबल कॉन्‍फ्रेंस के दौरान बुड्ढा दरिया सहित कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। 

माय सिटी माय प्राइड के फोरम में तय 11 मुद्दों में बुड्ढा दरिया के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था। जिसके बाद सरकार ने दरिया की सफाई के लिए टास्क फोर्स का निर्माण किया। टास्क फोर्स ने करीब एक किलोमीटर तक दरिया की सफाई कर ली है। कॉन्‍फ्रेंस में दरिया की सफाई का जिम्मा उठाने वाले सतगुरु ठाकुर उदय सिंह के ओएसडी सुखविंदर सिंह ने दरिया की सफाई की रिपोर्ट पेश की। इस दौरान उन्होंने सफाई में आ रही दिक्कतों को सबके सामने रखा। इसके अलावा शहर में अवैध ऑटो की वजह से होने वाले प्रदूषण पर भी चिंता जताई गई। 

 

एक्शन प्लान में सौंपी जिम्मेदारी पूरी करें विभाग 

दरिया की सफाई में श्री भैणी साहिब दरबार पूरी तरह से जुटा हुआ है। सतगुरु की अगुवाई में हम दरिया की सफाई कर रहे हैं। लेकिन कुछ दिक्कतें आ रही हैं जो कि प्रशासनिक स्तर पर हल की जानी हैं। राज्य सरकार की तरफ से अब एक्शन प्लान तैयार करके सभी विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अफसरों को अपनी अपनी जिम्मेदारियां पूरी करनी होंगी। दरिया की सफाई के लिए सभी शहरवासियों को आगे आना होगा। 
- सुखविंदर सिंह, ओएसडी, सतगुरु ठाकुर उदय सिंह।

दरिया गंदा न हो इसके लिए तैयार करनी होगी योजना

टास्क फोर्स दरिया की सफाई कर रही है लेकिन दरिया में जो गंदगी गिर रही है उसे गिरने से बचाने के लिए भी ठोस योजना बनानी होगी। आर्किटेक्ट इसका डिजाइन तैयार कर सकते हैं। इसके लिए प्रस्‍ताव तैयार करके सरकार को भेजी जाएगी।
- आर्किटेक्ट संजय गोयल, डायरेक्टर स्मार्ट सिटी, लुधियाना।

शहर में लगे हैं नो पार्किंग के बोर्ड, पार्किंग कहां करें
शहर में जगह जगह नो पार्किंग के बोर्ड लगे हैं जबकि पार्किंग के बोर्ड कहीं भी नहीं लगे हैं। ऐसे में लोग जहां भी अपने वाहन पार्क करते हैं ट्रैफिक पुलिस वाहनों को उठाकर ले जाती है। इससे टो करने वाली कंपनी को प्रति वाहन पैसे देती है। इसलिए वह वाहन टो करते रहते हैं। ट्रैफिक पुलिस व निगम को चाहिए कि शहर में नो पार्किंग के साथ पार्किंग के बोर्ड भी लगाएं।
- डॉ बीएस पांधी, समाज सेवी।

रिंग रोड की प्लानिंग करे सरकार
शहर में ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसलिए शहर को एक नई रिंग रोड प्लान करनी होगी। सरकारों को सड़क व एलिवेटिड रोड की योजना आगामी 50 सालों को ध्यान में रखकर तैयार करनी चाहिए। यह समय की जरुरत है और इस पर अभी से ध्यान देने की जरुरत है। क्‍योंकि शहर में लगातार ट्रैफिक की हालत बिगड़ती जा रही है।
- योगेश बांसल, चेयरमैन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट, लुधियाना।

सिविल अस्पताल में डॉक्टरों को नियुक्त करे सरकार
सिविल अस्पताल पर पूरे शहर का बोझ है। रोजाना वहां सैकड़ों की तादात में गरीब लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। जितने मरीज हैं उसकी एवज में वहां पर डॉक्टरों की संख्या व इंफ्रास्ट्रक्चर कम है। इसलिए लोगों को सही इलाज नहीं मिलता। सरकार को जल्दी से जल्दी वहां पर डाक्टर नियुक्त करने चाहिए।
- बलबीर बग्गा, आर्किटेक्ट।

आवारा कुत्तों की वजह से लोगों ने छोड़ दी सुबह की सैर
शहर में आवारा कुत्तों का इतना आतंक है कि लोगों को अब घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। लोग पार्कों में सुबह सैर करने जाते थे लेकिन आवारा कुत्तों के कारण लोगों ने जाना बंद कर दिया। नगर निगम को इस मामले में सख्त कदम उठाने होंगे।
- एडवोकेट इंदरजीत सिंह।

पॉलिथिन पर लगे पूर्ण प्रतिबंध
दरिया समेत शहर को साफ सुथरा रखना है तो सरकार को पॉलिथिन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाना होगा। पॉलिथिन की वजह से ही शहर में सॉलिड वेस्ट जमा हा रहा है। अब तो एनजीटी ने भी निगम को सख्त हिदायतें दे दी हैं। इसलिए अफसरों को अब इस पर कठोर कार्रवाई करने की जरूरत है।
- हुक्म सिंह, सेवादार श्री भैणीसाहिब दरबार।

अवैध ऑटो फैला रहे हैं प्रदूषण
प्रदूषण शहर की एक बड़ी समस्या बन चुकी है। जिसके पीछे सबसे बड़ा कारण शहर में चल रहे अवैध ऑटो हैं। सरकार को चाहिए अवैध आटो पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए। ट्रैफिक पुलिस को चाहिए कि इन पर सख्ती करे। लेकिन कोई कभी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा।
- परमजीत सिंह पनेसर, सदस्य, नवचेतना बाल भलाई कमेटी, लुधियाना।

हर विधानसभा क्षेत्र में बने एक सिविल अस्पताल
शहर की आबादी जब 5 लाख थी तब सिविल अस्पताल बना था अब शहर की आबादी पांच गुना बढ़ चुकी है। ऐसे में शहर को और ज्यादा सिविल अस्पतालों की जरूरत है। अब तो हर विधानसभा में एक एक सिविल अस्पताल बनने चाहिए ताकि गरीब लोगों को इलाज मिल सके।
- संगीता भंडारी, सदस्य, एहसास एनजीओ।
 
खाली प्लाट बनते जा रहे हैं कूड़ा डंप
शहर में खाली प्लाटों में कूडे़ के अंबार लगे हैं। शिकायत करने के बाद भी कूड़े को नहीं उठाया जा रहा। नगर निगम को खाली प्लाटों के लिए कोई पॉलिसी बनानी चाहिए ताकि लोग खाली प्लाट न छोड़ सकें।
- रेनुका, सदस्य, एहसास एनजीओ।

 

 

 

By Krishan Kumar