जागरण संवाददाता, लुधियाना। कैंसर से जूझ रहे मरीजों को आर्थिक मदद की जरूरत हो या फिर मानसिक तौर पर मजबूती देने की। हर जगह मौजूद है 'कैन फाइट कैंसर' एनजीओ। शहर के नामी उद्योगपति, डॉक्टर्स और समाजसेवकों वाली इस सोसायटी की भूमिका केवल कैंसर पीड़ित मरीजों तक ही सीमित नहीं है।

विशेषज्ञों की टीम के साथ फैक्ट्री परिसर में ऐसे लेक्चर आयोजित किए जाते हैं जो न केवल मजदूरों को तंबाकू के उपयोग से होने वाले नुकसान से अवगत करवाते हैं बल्कि जो मजदूर तंबाकू छोड़ने के लिए सहमति भी लेते हैं। उनकी मॉनिटरिंग से लेकर लगातार काउंसिलिंग की जिम्मेदारी भी सोसायटी पदाधिकारी निभाते हैं।

सोसायटी ने आठ सौ गज में फैले एक सेंटर का निर्माण आरंभ किया है, जिसमें कैंसर पीड़ित आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों का इलाज करवाने के बाद तीन से छह महीने के लिए वहां रखा जाएगा। इसकी व्यवस्था भी निशुल्क रहेगी। सोसायटी संचालन के लिए बोर्ड बनाया गया है, जिनमें डॉक्टर रामपाल जैन, डॉक्टर कुणाल जैन, जगजीत सूद, ललित गोयल, गीपिका जैन, अवनीश जैन और तरुण नैय्यर प्रमुख रूप से शामिल हैं।

डीएमसी और सीएमसी में करवाया जाता है मरीजों का इलाज
आर्थिक रूप से कमजोर कैंसर पीड़ित मरीजों का इलाज सोसायटी अपने खर्च पर डीएमसी व सीएमसी जैसे बड़े अस्पतालों में करवाती है। इसमें दवाओं से लेकर हर तरह का खर्च सोसायटी द्वारा ही वहन किया जाता है। इन दिनों 7 मरीजों को अडॉप्ट किया गया है, जिनका इलाज इन दोनों अस्पतालों में करवाया जा रहा है।

तंबाकू छोड़ने वाले हीरो को तलाशने में जुटी है सोसायटी

सोसायटी के फाउंडर सदस्यों में से एक कारोबारी ललित बताते हैं कि सोसायटी का प्रयास है कि लोगों को उनके लाइफ स्टाइल या फिर उन वस्तुओं के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाए जो कैंसर की वजह बनती है।

इसके लिए विभिन्न उद्योगपति यूनिट में डॉक्टर कुणाल जैन और उनकी टीम तंबाकू के दुष्प्रभाव से मजदूरों को अवगत करवाती है। जो मजदूर तंबाकू छोड़ने के लिए अपनी सहमति जताते हैं। उनकी लगातार मॉनटिरिंग और काउंसिलिंग सोसायटी पदाधिकारी और सदस्य करते हैं। ताकि वह अपने संकल्प पर कायम रहें। समय-समय पर इन्हें गिफ्ट देकर प्रोत्साहित भी किया जाता है। इस मिशन को नाम दिया गया है तलाश हीरो की।

मैराथन और पेंटिंग के माध्यम से देते हैं कैंसर अवेयरनेस संदेश
कैन फाइट कैंसर सोसायटी का मानना है कि कैंसर के इलाज से भी महत्वपूर्ण है लोगों को उनके लाइफ स्टाइल और उन वजहों के प्रति जागरूक करना जो कैंसर की वजह बनती है। इसके लिए कई तरीके अपनाएं गए हैं, जिनमें कैंसर से जुड़े विषय संबंधी पेंटिंग्स प्रतियोगिता, मैराथन का आयोजन और स्कूल, कॉलेज फैक्ट्री में विशेषज्ञों के लेक्चर इत्यादि प्रमुख रूप से शामिल हैं। पांच साल पहले बनी इस सोसायटी की गतिविधियों और कार्यों के चलते दिन ब दिन इन आयोजनों का दायरा भी अब विशाल होने लगा है।

कैंसर इलाज के बाद मरीजों को रखने के लिए बन रहा है सेंटर
चूंकि सोसायटी में बड़ी संख्या में वह लोग जुड़े हैं, जो कैंसर की पीड़ा से भलीभांति अवगत हैं। इनमें कैंसर का इलाज करने वाले डॉक्टर्स से लेकर कैंसर पीड़ित और उनके परिजन शामिल हैं। यह लोग जानते हैं कि कैंसर के इलाज के बाद कीमोथेरेपी जैसी प्रक्रिया मरीज को मानसिक तौर पर तोड़ कर रख देती है।

इसके चलते सोसायटी हंबड़ा रोड पर आठ सौ गज में फैले सेंटर का निर्माण करवा रही है, जिसमें इन मरीजों की सहूलियत के लिए हर सुविधा उपलब्ध रहेगी। ताकि उनकी पीड़ा को कम किया जा सके।

By Nandlal Sharma