जागरण संवाददाता, लुधियाना। एसटीएफ ने हेरोइन व अफीम की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एक तस्कर को पहले गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद वह तीसरे तस्कर तक पहुंची है। तस्करों के तीसरे साथी मधुर गुप्ता को वीरवार शाम अंबाला के पास शंभू बार्डर पर नाकाबंदी करके गिरफ्तार किया गया। वह यूपी से स्विफ्ट डिजायर में नशे की सप्लाई लेकर आ रहा था। पुलिस से बचने के लिए उसने कार के शीशे पर क्राइम इंटेलिजेंस फोर्स का स्टीकर लगा रखा था। तलाशी में कार से 2.550 ग्राम हेरोइन, 5 किलो अफीम तथा 66,500 रुपये ड्रग मनी बरामद हुई। सभी आरोपितों पर एसटीएफ मोहाली में केस दर्ज करके अदालत में पेश किया गया, जहां से तीन दिन का रिमांड हासिल करके कड़ी पूछताछ की जा रही है। एसटीएफ आरोपितों के ग्राहकों व अन्य साथियों का पता लगा रही है।

इंस्पेक्टर हरबंस सिंह ने बताया कि 18 अक्टूबर को एसटीएफ ने कैंसर अस्पताल के सामने शिव चौक से एक तस्कर को गिरफ्तार किया था। आरोपित की पहचान धांधरां रोड के सतजोत नगर के मंगत सिंह (55) के रूप में हुई। उसके कब्जे से 1 किलो 50 ग्राम हेरोइन, डेढ़ किलो अफीम तथा 14500 रुपये ड्रग मनी बरामद की गई थी। उससे पूछताछ के बाद 20 अक्टूबर को एसटीएफ ने दुगरी फेस-1 निवासी सतिंदर सिंह (57) के घर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। उसके घर में बने दफ्तर से 500 ग्राम अफीम तथा 52 हजार रुपये ड्रग मनी बरामद की गई। उससे पूछताछ के बाद बरेली (उत्तर प्रदेश) के थाना भमोरा स्थित गांव बलियां निवासी मधुर गुप्ता (23) का नाम सामने आया। उसने बताया कि मधुर यूपी से अपनी कार में हेराेइन व अफीम लेकर आ रहा है।

आरोपित मधुर का पिता भी था तस्कर

हरबंस सिंह ने बताया कि पहले मधुर का पिता संजय गुप्ता नशा तस्करी का काम करता था। मगर अब पिछले तीन साल से मधुर यह काम कर रहा है। वो कार से ही नशीले पदार्थ लेकर पंजाब आता और डिलीवरी के बाद वापस चला जाता। उसके खिलाफ यूपी में पहले से एक केस दर्ज है।

मंगत और सतिंदर अफीम खाने के आदी

मंगत सिंह पहले प्रापर्टी डीलर का काम करता था। उसके खिलाफ पहले भी असलहा एक्ट तथा जुए का एक केस दर्ज है। वह पिछले 5 साल से नशा तस्करी कर रहा है। वो खुद भी अफीम खाने का आदी है। सतिंदर सिंह वसीका नवीस है। वह करीब 15 साल से अफीम खाने का आदी है।

Edited By: Pankaj Dwivedi