मंत्र शक्तिमान, मंत्र प्रदान करने वाली वाणी गुरु की : कुमार स्वामी
मॉडल टाउन एक्सटेंशन स्थित भगवान श्री लक्ष्मी नारायण धाम मंदिर में साप्ताहिक सत्संग के दौरान महामंडलेश्वर ब्रह्मर्षि श्री कुमार स्वामी द्वारा भेजे संदेश को पढ़ कर सुनाया।
जेएनएन, लुधियाना : मॉडल टाउन एक्सटेंशन स्थित भगवान श्री लक्ष्मी नारायण धाम मंदिर में साप्ताहिक सत्संग के दौरान महामंडलेश्वर ब्रह्मर्षि श्री कुमार स्वामी द्वारा भेजे संदेश को पढ़ कर सुनाया। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि शब्द ब्रह्म है इसलिए साधक ब्रह्मनाद तक पहुंचना चाहता है। हर मंत्र में शब्द होते है और वे मंत्र इसलिए शक्तिमान होते है क्योंकि उन्हें प्रदान करने वाली वाणी गुरु की है। यदि हम यह कहें कि गुरु ने क ख ग प्रदान करते हुए कह दिया कि इनका पाठ करो या वह निश्चित रूप से लाभान्वित करेगा क्योंकि इन्हें गुरु ने प्रदान किया है। बीज मंत्रों का अर्थ जानना कोई जरुरी नहीं होता, यदि गुरु ने कह दिया है कि इसका पाठ करो। इस विषय में दुर्गासप्तशती में वर्णित है कि मंत्र का अर्थ जानना आवश्यक नहीं होता है। मंत्र के पाठ से लाभ अवश्य होता है बशर्ते कि आप उसी प्रकार से जाप करो जिस प्रकार से गुरु ने कहा है मंत्र में आए बीजों का अर्थ जानना न संभव है, न आवश्यक और न वांछनीय है, केवल जप करना ही पर्याप्त है। पाठ करने से निश्चित रूप से लाभ होता है। यदि हम मंत्रों के अर्थ पर जाएंगे तो शायद ही हम कुछ प्राप्त कर सकेंगे।
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