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    प्यार प्रकृति का दिया हुआ दान: मुनि विनय

    By JagranEdited By:
    Updated: Wed, 13 Apr 2022 08:52 PM (IST)

    प्रेम तो परमात्मा प्रकृति का दिया हुआ दान है। यह संसार मे सबसे अनमोल वस्तु है जिसका कोई मूल्य नही है। मनुष्यता का यह सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि उनके पूरे जीवन में कभी भी प्रेम की विद्युत तरंगें पैदा ही नहीं हो पाती हैं। इतना बहुमूल्य जीवन और उसमें प्रेम की अद्भुत तरंगों का अनुभव न हो सोचो ऐसा क्यों? आपके समाज में मनु से लेकर आज तक के सभी नीतिकार प्रेम के खिलाफ खड़े हुए हैं।

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    प्यार प्रकृति का दिया हुआ दान: मुनि विनय

    संस, लुधियाना : प्रेम तो परमात्मा प्रकृति का दिया हुआ दान है। यह संसार मे सबसे अनमोल वस्तु है जिसका कोई मूल्य नही है। मनुष्यता का यह सबसे बड़ा दुर्भाग्य है कि उनके पूरे जीवन में कभी भी प्रेम की विद्युत तरंगें पैदा ही नहीं हो पाती हैं। इतना बहुमूल्य जीवन और उसमें प्रेम की अद्भुत तरंगों का अनुभव न हो, सोचो, ऐसा क्यों? आपके समाज में, मनु से लेकर आज तक के सभी नीतिकार प्रेम के खिलाफ खड़े हुए हैं। ये शब्द मनीषी संत मुनि श्री विनय कुमार जी आलोक ने इकबाल गंज लुधियाना तेरापंथ भवन मे कहे। उन्होंने कहा कि कोई प्रेम की बात करने ही नहीं देता, कोई प्रेम का भाव आपके प्राणों में भरने ही नहीं देता और प्रेम जो जीवन का केंद्र है वह आपके जीवन में नहीं आ पाता। परिवार की व्यवस्था और परिवार जिसे प्रेम पर आधारित होना चाहिए वह खड़ा है विवाह पर। विवाह की नींव पर आपका प्रेम खड़ा है, जबकि वह खड़ा होना चाहिए प्रेम के तत्व पर।

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    तेरापंथ भवन में धूमधाम से मनाई जाएगी भगवान महावीर जयंती

    आज महावीर जयंती जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर श्री महावीर भगवान जी के जन्म के रूप में मनाई जा रही है जिस कारण श्रावको मे भारी उत्साह व उमंग है। इस दौरान मनीषीसंत ने आगे कहा कि जैनधर्म के लोगों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं होता. भगवान महावीर ने हमेशा जियो और जीने दो का संदेश दिया, उन्होंने कहा, मनुष्य जन्म से नहीं धर्म से महान होता है। कहा जाता है कि महावीर ने साधना हेतु राजपाट छोड़ दिया था। भगवान महावीर ने कहा था कि अहिसा परमो धर्म और जीवन में सकारात्मक ²ष्टिकोण अपनाना बहुत ही जरूरी है। महावीर सामाजिक क्रांति के शिखर पुरुष थे। महावीर ने समानता मुल्क समाज का उपदेश दिया। महावीर स्वामी के जीवन में अहिसा, करुणा, दया आदि का खास स्थान था। तेरापंथ योग परिषद द्वारा सामायोजित महावीर जंयती कार्यक्रम प्रात 9.30 बजे श्री तुलसी कल्याण केंद्र इंकबाल गंज चौक तेरापंथ भवन मे होगा।