जागरण संवाददाता, लुधियाना। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के सिक्युरिटी गार्ड्स ने भी अब पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को यूनिवर्सिटी में कच्चे तौर पर कार्यरत 100 से अधिक सिक्याेरिटी गार्ड्स थापर हाल के बाहर एकत्रित हुए और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। चौकीदार डीपीएल पीएयू वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान चमकौर सिंह, चैयरमैन गुरदीप सिंह, जरनल सेकेट्री मुनीश कुमार, सीनियर उपप्रधान गुरप्रीत सिंह, उपप्रधान राजकुमार ने कहा कि 26 अक्टूबर को जब सीएम चरनजीत सिंह चन्नी लुधियाना में आये थे, तो वे उनसे मिले थे। 

इस दौरान हमने उनसे उन्हें बताया कि यूनिवर्सिटी में करीब 150 से अधिक सिक्योरिटी गार्ड्स  और सफाई कर्मचारी सालों से कच्चे तौर पर काम कर रहें हैं। इनमें से ज्यादातर कर्मचारी पिछले 15 से 20 साल से काम कर रहे हैं। उन्हें बेहद कम वेतन मिलता है। सभी कर्मचारी दिहाड़ी पर काम कर रहे हैं और उन्हें डीसी रेट के मुताबिक वेतन दिया जा रहा है। डीसी रेट के मुताबिक उन्हें 8451 रुपये वेतन मिलता है।इसी में से ईपीएफ व ईएसआई फंड की भी कटौती भी होती है। इतने कम वेतन में घर का खर्च चलाना मुश्किल है। जबकि दूसरे राज्यों में कच्चे कर्मचारियों को डीसी रेट मुताबिक 15 से 16 हजार के करीब वेतन मिलता है। जिसके बाद सीएम मुख्यमंत्री ने हमें आश्वासन दिया था कि यूनिवर्सिटी में कच्चे तौर पर कार्यरत सिक्याेरिटी गार्ड्स और सफाई कर्मचारियों को 12500 रुपये वेतन दिया जाएगा।

इसे लेकर जल्द ही नोटिफिकेशन मिल जारी कर दिया जाएगा। लेकिन अब एक महीने को है, अब तक वेतन बढ़ाने को लेकर नोटिफिकेशन जारी नही हुआ है। वहीं एसोसिएशन के सलाहकार सुनील कुमार, प्रचार सचिव सुक्खा सिंह, प्रबंधक सचिव दीपक कुमार, प्रेस सचिव इंद्र सिंह व सफाई कर्मचारियों यूनियन के जतिंदर सिंह, सन्नी गिल ने मांग की कि सिक्युरिटी गार्ड्स के वेतन को बढ़ाकर 15000 किया जाए। 

Edited By: Vipin Kumar