जागरण संवाददाता, लुधियाना। Strike In Ludhiana: डिप्टी कमिश्नर, एसडीएम व तहसील दफ्तरों में काम कर रहे मुलाजिमों और सरकार के बीच मांगें मनवाने के लिए लंबे समय से तनातनी चल रही है। सरकार के आश्वासन पर जुलाई माह में कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल वापस ली और काम काज शुरू किया। आठ सितंबर को मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल चीफ सेक्रेटरी सुरेश कुमार के साथ हुई बैठक में कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं सुना गया और न ही कर्मचारियों के साथ हुई बैठक की प्रोसिडिंग रिपोर्ट तैयार की गई। बैठक में गंभीरता न दिखाए जाने के बाद डीसी इंप्लाइज यूनियन पंजाब ने फिर से सरकार के खिलाफ संघर्ष का एलान कर दिया।

 

मंगलवार सुबह डीसी दफ्तर इंप्लाइज यूनियन पंजाब की सभी जिला प्रधानों के साथ वर्चुअल मीटिंग हुई। जिसमें फैसला किया गया कि सरकार ने अगर 21 सितंबर तक उनकी मांगें नहीं मानी तो 22 व 23 सितंबर को पूरे राज्य में कर्मचारी कलम छोड़ हड़ताल पर रहेंगे। जबकि 24 को सामूहिक छुट्टी लेकर मोहाली में होने वाली राज्य स्तरीय रैली में हिस्सा लेंगे। उसी रैली में कर्मचारी अपनी अगली रणनीति का एलान करेंगे। जिला प्रधान विक्की जुनेजा ने बताया कि यूनियन ने फैसला किया कि अगर उनकी मांगों को इसी तरह अनदेखा किया गया तो कर्मचारी आपातकालीन सेवाओं का भी बायकाट करेंगे।

उन्होंने कहा कि 24 की रैली में कर्मचारी चुनाव ड्यूटी के बहिष्कार का भी एलान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार लगातार कर्मचारियों के साथ झूठे वादे करती रही है। लेकिन इस बार यूनियन वादों पर विश्वास नहीं करेगी बल्कि अपना संघर्ष परिणाम आने तक जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर कर्मचारियों की कमी, लंबे समय पदोन्नति न होना और पे कमिशन की रिपोर्ट जैसी मांगों को सरकार गंभीरता से नहीं ले रही है।

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Edited By: Vipin Kumar