यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 04, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
प्यार ने बनाया चाेरः गर्लफ्रेंड काे खुश करने के लिए तैयार किया गिरोह, ढाई महीने में चाेरी की सैकड़ों गाड़ियां
Love Made Thief युवती के प्यार में पागल एक शख्स ने वाहन चाेरी काे ही पेशा बना लिया। पुलिस ने ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, लुधियाना। प्यार के लिए व्यक्ति कुछ भी कर गुजरने काे तैयार रहता है। इसी सनक में कई बार वह ऐसा काम कर जाता है कि उसे उम्र भर पछताना पड़ता है। पंजाब के औद्याेगिक शहर लुधियाना का मामला सुन आप भी चाैंक जाएंगे। युवती के प्यार में पागल एक शख्स ने वाहन चाेरी काे ही पेशा बना लिया। पुलिस ने जब युवक काे पकड़ा ताे कुछ समय के लिए ताे वह भी सन्न रह गई। थाना फोकल प्वाइंट पुलिस ने वाहनों को चोरी करने के बाद उन्हें स्क्रैप करके आगे बेच देने वाले गिरोह के 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।
गिराेह का मास्टरमाइंड राजिंदर सिंह
पुलिस ने बड़ी मात्रा में वाहन, स्क्रैप और इंजन बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपितों की पहचान शिमलापुरी निवासी मनोज कुमार गुप्ता, गांव संगोवाल की फौजी कालोनी निवासी बलजीत कौर, रणधीर सिंह तथा शहीद करनैल सिंह निवासी गुरदीप सिंह के रूप में हुई। मनोज गुप्ता उत्तर प्रदेश के जिला गोंडा के गांव भवानी खुर्द का रहने वाला है। इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड लोहारा रोड पर रहने वाला राजिंदर सिंह है। राजिंदर के बलजीत कौर के साथ प्रेम संबंध हैं। उसे खुश करने के लिए करीब ढाई माह पहले ही उसने गिरोह तैयार किया था। इतने कम समय में इन लोगों ने सैकड़ों वाहन चोरी कर डाले।
चोरी के वाहनों को स्क्रैप कर बेचने वाले गिरोह के चार सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़े। जागरण
गिल गांव में स्टार एवेन्यू में अपनी वर्कशाप
राजिंदर सिंह, उसका बेटा दविंदर सिंह, गिल रोड के प्रीत नगर का मोहित और डाबा के गुरु गोबिंद सिंह नगर का हरजीत सिंह फरार हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि गिरोह के लोग गाड़ियां चोरी करते हैं। इन्हें फोकल प्वाइंट स्थित आरएंडडी कालेज के सामने खाली प्लाट में डंप किया जाता है। इनकी गिल गांव में स्टार एवेन्यू में अपनी वर्कशाप है। वहां मनोज गुप्ता को चोरी की गाड़ियों को स्क्रैप करने के लिए रखा हुआ है। पुलिस ने वहां दबिश देकर मनोज गुप्ता को गिरफ्तार किया। दविंदर, हरजीत व मोहित गाड़ी चोरी करते थे और रणधीर व मनोज गाड़ी स्क्रैप करते थे। गुरदीप सिंह अपने ट्रक में उसे लोड करके आगे बेच कर आता था।
प्रेमिका भी गिरोह के साथ करती है काम
बलजीत कौर गिरोह के साथ सक्रिय तौर पर काम करती थी। वह गिल गांव स्थित वर्कशाप में खुद बैठ कर वाहनों को स्क्रैप करवाया करती थी। राजिंदर सिंह के पत्नी के साथ रिश्ते अच्छे नहीं थे। इसलिए वह हर जगह बलजीत कौर को अपनी पत्नी बताता था।
